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    Jamui News: मनरेगा योजना में करोड़ों की बंदरबांट, RTI से हुआ घाटाले का खुलासा; PM मोदी और CM नीतीश से शिकायत

    Updated: Sun, 18 Jan 2026 12:59 PM (IST)

    जमुई के अलीगंज प्रखंड में मनरेगा योजनाओं में करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। आरटीआई से मिली जानकारी के बाद जांच में पाया गया कि अधिकारियों ...और पढ़ें

    मनरेगा योजना में बंदरबांट। फाइल फोटो

    मनरेगा योजना में बंदरबांट। फाइल फोटो

    HighLights

    1. मनरेगा योजनाओं में करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा।

    2. अलीगंज, जमुई में बिना काम कागजों पर राशि निकाली गई।

    3. आरटीआई से मिली जानकारी, अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों में हड़कंप।

    संवाद सूत्र, अलीगंज (जमुई)। इ. प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा योजनाओं में करोड़ों की राशि के बंदरबांट का मामला सामने आया है। आरटीआइ के माध्यम से जानकारी सामने आने के बाद विकास योजनाओं में हुए घोटाले की पोल खुली है।

    बताया जाता है कि मनरेगा पदाधिकारी, कर्मी एवं जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की बजाय सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर सरकारी राशि की जमकर बंदरबांट की गई।

    जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच टीम के तहत डीपीओ नीरज कुमार द्वारा अलीगंज पंचायत में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के दौरान कराए गए कुल 37 तालाब खोदाई कार्य एवं 10 बांध निर्माण कार्यों की जांच की गई।

    जांच के दौरान कई कार्यस्थलों पर काम नहीं होने के बावजूद कागजी रूप से कार्य पूर्ण दिखाकर तत्कालीन अधिकारी, रोजगार सेवक, मनरेगा कर्मी और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की राशि गबन किए जाने का आरोप सामने आया है।

    इधर, शनिवार को पीओ राकेश कुमार ने भी अलीगंज पंचायत में पूर्व में दर्ज शिकायतों की जांच की। उन्होंने बताया कि ये सभी कार्य उनके पदस्थापन से पहले के हैं। डीपीओ के निर्देश पर किए गए निरीक्षण में कार्य संतोषजनक नहीं पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट जिला के वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी।

    बिना काम के निकाल ली राशि 

    वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि अलीगंज पंचायत में अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बिचौलिये मिलकर बिना काम कराए ही कागजी प्रक्रिया पूरी कर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी कर चुके हैं। इस संबंध में पंचायत के निवासी मनोज मेहता, अरुण उर्फ पप्पू मेहता, मुकेश यादव, अमरेश कुमार एवं परशुराम प्रसाद द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी।

    RTI के माध्यम से जानकारी सामने आने के बाद विकास योजनाओं में हुए घोटाले की पोल खुली। ग्रामीणों ने बताया कि मामले की शिकायत दिल्ली स्थित पीएमओ कार्यालय, बिहार सरकार के प्रधान सचिव एवं मुख्यमंत्री कार्यालय तक की गई थी। जांच शुरू होने के बाद से संबंधित अधिकारियों, बिचौलियों और जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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