कटिहार के बरारी में ना हो जाए जबलपुर जैसा हादसा, बिना सुरक्षा के चल रही ओवरलोड नावें
बरारी के गंगा दियारा क्षेत्र में क्षमता से अधिक सवारियां ढो रही और बिना निबंधन वाली नावें बड़े हादसों को न्योता दे रही हैं। ...और पढ़ें

ओवरलोड होकर चल रही नावें। (जागरण)
HighLights
बरारी गंगा दियारा में ओवरलोड नावें बन रहीं खतरा।
बिना निबंधन चल रही नावें, सुरक्षा नियमों की अनदेखी।
अतीत में कई हादसे, प्रशासन की ठोस पहल नहीं।
भूपेन्द्र सिंह जागरण बरारी (कटिहार)। बरारी के गंगा नदी के दियारा इलाकों में किसानों और मजदूरों के आवागमन का एकमात्र सहारा नाव है, लेकिन यही नावें अब खतरे का सबब बनती जा रही हैं।
क्षमता से अधिक सवारियां, नियमों की अनदेखी और बिना निबंधन के चल रही नावें कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं।
दरअसल, बरारी के विस्तृत गंगा दियारा क्षेत्र में पानी उतरते ही मक्का, परवल, तरबूज सहित कई फसलों की बड़े पैमाने पर खेती शुरू हो जाती है।
इन फसलों को बाजार तक पहुंचाने के लिए किसान काढ़ागोला घाट, रानीचक बकिया घाट, जौनिया आदि घाटों तक नाव के सहारे ही आते-जाते हैं।
जान जोखिम में डालकर पार कर रहे गंगा
रोजाना दर्जनों किसान और मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर गंगा पार करते हैं। लेकिन जल्दी पहुंचने की होड़ में नावों पर क्षमता से अधिक लोगों और सामान को लादा जा रहा है।
कई नावें बिना निबंधन और सुरक्षा मानकों के ही दबंगई के बल पर चलाई जा रही हैं। रविवार को भी मजदूरों से भरी एक नाव तेज हवा के कारण गंगा नदी में कुछ देर के लिए फंस गई, जिससे सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। यदि पुराने हादसों पर नजर डालें तो स्थिति और गंभीर नजर आती है।
15 मई 2022 को बरंडी नदी में धान लदी डेंगी नाव पलटने से आधा दर्जन मजदूरों की मौत हो गई थी। वही इससे पहले जरलाही गंगा दियारा से लौटते समय नाव हादसे में मनसाही के दो व्यापारियों समेत एक किसान की जान चली गई थी।
इन घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक ठोस पहल नहीं की गई है। न तो नावों की नियमित जांच हो रही है और न ही ओवरलोडिंग पर कोई प्रभावी रोक लग पा रही है।
अगर इसी तरह प्रशासन की अनदेखी जारी रही, तो आगे जबलपुर जैसे क्रूज हादसे की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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नावों के सुरक्षित परिचालन के लिए निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी नाव पर क्षमता से अधिक भार नहीं लिया जाएगा। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट की अनिवार्य व्यवस्था की जाएगी तथा निगरानी के लिए चौकीदारों की तैनाती भी सुनिश्चित कराई जाएगी।
प्रद्धुमन सिंह यादव, एसडीओ, कटिहार।