Bihar Panchayat Chunav: पंचायत चुनाव में आरक्षण पर ‘सस्पेंस’, कटिहार में दिग्गजों की धड़कनें तेज
कटिहार के पोठिया प्रखंड में पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर में संभावित बदलाव से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मौजूदा प्रतिनिधियों और नए दावेदारों ...और पढ़ें

पंचायत चुनाव में आरक्षण पर ‘सस्पेंस’, कटिहार में दिग्गजों की धड़कनें तेज

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एडी खुशबू, पोठिया (कटिहार)। राज्य निर्वाचन आयोग एवं पंचायती राज विभाग द्वारा आरक्षण रोस्टर और जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल व कयासों का दौर तेज हो गया है।
कई पंचायत में जिला परिषद सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, वार्ड पंच के सीटों के आरक्षण बदलने की संभावना को लेकर कई पदासीन चर्चित चेहरे के अलावा राजनीतिक हल्का में आरक्षण परिवर्तन होने की संभावना जताई जा रही है।
आम लोगों में कयासों के बीज चर्चा में कयास लगाया जा रहा है कि आरक्षण परिवर्तन होने पर कई चर्चित चेहरे चुनाव लड़ने से महरूम हो सकते हैं तो कुछ नए चेहरे पंचायत चुनाव में देखने को मिल सकता है।
वहीं, कई संभावित उम्मीदवार अभी से ही पंचायत एवं वार्ड वासियों के नब्ज टटोलने में लग गए हैं, जबकि कई पुराने चेहरे को सीट छोड़ने की संभावना से धड़कने बढ़ गई है।
प्रखंड के 13 पंचायत में दो जिला परिषद, 13 मुखिया, 13 सरपंच, 18 पंचायत समिति सदस्य, 184 वार्ड सदस्य व 184 वार्ड पंच के लिए कुल 414 पद शामिल है, जबकि पंचायत चुनाव में 50 फीसद आरक्षण महिलाओं के लिए है।
खबरें और भी
ग्रामीणों के मुताबिक इस बार महिला, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में कई पंचायत में उलट फेर हो सकता है। आमलोगों में चर्चा है कि जहां पिछले चुनाव में सामान्य सीट था वहां आरक्षित हो सकता है और इसी संभावना के मद्देनजर विभिन्न पदों के संभावित प्रत्याशी रणनीति बनाने में लग गए हैं।
जबकि पूर्व से आरक्षित सीट सामान्य होने की आशा में नए चेहरे को चुनाव लड़ने के प्रति सुगबुगाहट देखी जा रही है और क्षेत्र में आम जनता के बीच सक्रिय दिखाई देने लगे हैं। हालांकि, पंचायत चुनाव की तिथि की घोषणा नहीं हुई है।
9 जून के बाद आरक्षण के नए रोस्टर पर काम शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि अक्टूबर के आसपास चुनाव कराए जाने की संभावना है, परंतु प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न चौक चौराहों, खेत खलिहानों व चाय की दुकानों में चुनावी चर्चा होने लगी है।
संभावित उम्मीदवार जहां संपर्क बढ़ाने लगे हैं तो कई उम्मीदवार सामाजिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेते देखे जा रहे हैं। वहीं कई वर्तमान प्रतिनिधि धार्मिक स्थलों पर जाकर मन्नते व दुआ मांगने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरक्षण सूची प्रकाशन होने के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी।
कुल मिलाकर संभावित आरक्षण परिवर्तन के चर्चाओं में पंचायत की राजनीति के माहौल में सरगर्मी ला दिया है और सबकी निगाहें आरक्षण रोस्टर की और टिकी हुई है। चुनाव की तारीख और आरक्षण सूची स्पष्ट होने के बाद पंचायत की राजनीति और तेज होने की संभावना है।