PFI और हथियार तस्करी से जुड़ा था कटिहार का नाम, अब 'गजवा-ए-हिंद' मामले में हुई गिरफ्तारी
कटिहार का नाम पहले भी टेरर फंडिंग, प्रतिबंधित संगठनों और अवैध हथियार तस्करी से जुड़ा रहा है। हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा आतंकी गतिविधियों की तैयारी ...और पढ़ें
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आतंकी सोहेल की तस्वीर। फाइल फोटो

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संवाद सहयोगी, कटिहार। कटिहार का नाम पहले भी टेरर फंडिंग, प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों और अवैध हथियार तस्करी के मामलों में सामने आता रहा है।
हाल के वर्षों में एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की कई कार्रवाई का केंद्र जिले के सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन और हसनगंज थाना क्षेत्र के युसूफ टोला जैसे इलाके रहे हैं।
अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में आतंकी गतिविधियों की तैयारी के आरोप में गिरफ्तार चार युवकों में कटिहार के मो. सोहैल का नाम सामने आने के बाद जिले में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं।
कटिहार में पहले भी पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल
जाने लें कि कटिहार में इससे पहले भी कई बार सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई हो चुकी है। मार्च 2023 में शहर के शहीद चौक पर नगर थाना पुलिस ने संदेहास्पद स्थिति में एक कश्मीरी युवक नासिर यूसुफ वजा को पकड़ा था।
पूछताछ में उसने पहले खुद को फिनलैंड का नागरिक बताया, लेकिन बाद में वह जम्मू-कश्मीर के बड़गाम का निवासी निकला। इसके बाद इंटेलिजेंस और सीआईडी ने उससे पूछताछ की थी और उसे जेल भेज दिया गया था।
अगस्त 2023 में फुलवारीशरीफ टेरर माड्यूल से जुड़े होने के संदेह में एनआईए ने कटिहार के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुंगरा गांव और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी।
इस दौरान पूछताछ के लिए एक युवक को हिरासत में लिया गया था। मई 2023 के आसपास प्रतिबंधित संगठन पोपुलर फ्रंट और इंडिया से जुड़े मामले में भी एनआईए ने हसनगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी की थी।
सितंबर 2025 में एनआईए ने सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन और दुर्गापुर में आतंकी साजिश से जुड़े मामले में छापेमारी की थी। इस दौरान एक को हिरासत में लिया गया था, जबकि अन्य कई ठिकानों की तलाशी ली गई थी।
इसके अलावा दिसंबर 2025 में अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी, जिसमें कटिहार भी प्रभावित जिलों में शामिल था। हाल के वर्षों में जिले में लगातार हो रही ऐसी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कटिहार सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर बना हुआ है।
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फिर सामने आया टेरर कनेक्शन
कटिहार का फिर टेरर कनेक्शन सामने आया है। मनिहारी थाना के नबावगंज बालू टोला निवासी मो सौहेल को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गजवा-ए-हिंद और खिलाफत की सोच से प्रभावित होकर युवाओं को भड़काने, भर्ती करने और आतंकी गतिविधियों की तैयारी करने के आरोप समेत अन्य आराेपों में गिरफ्तार किया है।
इसकी गिरफ्तारी के बाद चर्चा और हलचल तेज हो गई है। पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ दिन पूर्व दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीम ने छापामारी की थी। इसमें मोबाइल बरामद किए गए थे।
फाेरेंसिक जांच में मोबाइल में आपत्तिजनक सामग्री पाए जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस ने की है। पुलिस और खुफिया तंत्र पूरी तरह से सतर्क है। बताया जाता है कि मो सौहेल का अक्सर दिल्ली, बेंग्लोर और हैदराबाद आना-जाना लगा रहता था।
दिल्ली पुलिस ने मोबाइल जब्त करने के साथ ही मो सौहेल को दिल्ली में हाजिर हाेने को कहा था। बताया जाता है कि सोहैब अपने पिता के साथ दिल्ली गया था। घर पर मौजूद मां ने बताया कि उसे पता नहीं कि उसके बच्चे ने क्या किया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की विज्ञप्ति के अनुसार मो सोहैल डॉ. इसरार अहमद के तकरीरों से प्रभावित था। उसने इंटरनेट मीडिया पर कई अकाउंट बनाए और जिहाद के नाम पर युवाओं को उकसाने का काम किया। मार्च 2026 में उसने अपने चैनल के फालोअर्स को गजवा-ए-हिंद के लिए हथियार और विस्फोटक जुटाने के लिए उकसाया।
उसने जिहाद के नाम पर पैसे जुटाने के लिए अपना बैंक खाता और क्यूआर कोड भी साझा किया। पेशे से सोहैल प्लंबर है। उसने 10वीं तक पढ़ाई की है
खतरनाक मंसूबे पर कार्रवाई का चला डंडा
बताया जाता है कि सभी चारों आरोपी एन्क्रिप्टेड इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर बने बंद समूहों के सदस्य और एडमीन थे। इन समूहों में जिहाद, खिलाफत और गजवा-ए-हिंद जैसे विषयों पर चर्चा होती थी।
ये युवक खुरासान के काले झंडे लेकर आने वाली तथाकथित सेना और भारतीय उपमहाद्वीप में खिलाफत स्थापित करने जैसी कट्टरपंथी सोच से प्रभावित थे।
जांच में सामने आया है कि दो आरोपी स्थानीय स्तर पर रिमोट कंट्रोल से संचालित आईईडी बनाने के लिए सामग्री जुटा रहे थे। एक के पास से आईईडी बनाने में उपयोगी सामग्री बरामद की गई। इसका इस्तेमाल किसी आतंकी हमले में किया जा सकता था।