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    खगड़िया में बाढ़ का खतरा: खतरे के निशान से 16 CM ऊपर बह रही बागमती, कोसी भी लाल निशान के करीब

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 03:07 PM (IST)

    खगड़िया में बागमती नदी खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि कोसी नदी भी लाल निशान के करीब पहुंच गई है। ...और पढ़ें

    खगड़िया में बाढ़ का खतरा

    खगड़िया में बाढ़ का खतरा

    HighLights

    1. बागमती खतरे के निशान से 16 CM ऊपर बह रही।

    2. कोसी नदी भी लाल निशान के मात्र 38 CM नीचे।

    3. बांध-तटबंधों की लगातार निगरानी, अस्थाई कैंप बने।

    जागरण संवाददाता, खगड़िया। कोसी और बागमती अब उफान पर है। दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। सोमवार की सुबह बागमती खगड़िया के संतोष जलद्वार के पास खतरे के निशान (35.63 मीटर) को पार गई। 

    सोमवार की सुबह छह बजे खगड़िया के संतोष जलद्वार के पास बागमती का जलस्तर 35.79 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 35.63 मीटर है। बागमती खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। 

    तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी

    बीते 12 घंटे (रविवार की संध्या छह बजे से सोमवार की संध्या छह बजे) के दौरान बागमती के जलस्तर में 34 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। बागमती लगभग तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। 

    बीते रविवार की संध्या छह बजे बागमती का जलस्तर 35.45 मीटर था। जो बढ़कर सोमवार की सुबह छह बजे 35.79 मीटर हो गया। बागमती तेजी से बढ़ रही है।

    कोसी का भी बढ़ना जारी

    दूसरी ओर कोसी का भी बढ़ना जारी है। खगड़िया के बलतारा में कोसी का जलस्तर सोमवार की सुबह छह बजे 33.47 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 33.85 मीटर है। कोसी खतरे के निशान से मात्र 38 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। रविवार की संध्या छह बजे बलतारा में कोसी का जलस्तर 33.30 मीटर था। 

    सोमवार की सुबह यहां जलस्तर 33.47 मीटर दर्ज किया गया। बीते 12 घंटे (रविवार की संध्या छह बजे से सोमवार की सुबह छह बजे तक) में कोसी के जलस्तर में 17 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। कोसी लगभग डेढ़ सेंटीमीटर प्रतिघंटे के हिसाब से बढ़ रही है।

    कोसी और बागमती के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने की संभावना है। दोनों नदी की प्रवृति बढ़ने की है। 

    बांध-तटबंधों की हो रही निगरानी

    इधर विभाग ने सभी बांध-तटबंधों और आधारभूत संरचनाओं को सुरक्षित बताया है। कहा है कि बांध-तटबंधों की सदत निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील-अतिसंवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त बालू भरे बोरे का भंडारण किया गया है। अस्थाई कैंप बनाए गए हैं। दिवा-रात्रि चौकसी जारी है।

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