किशनगंज के 5 युवा बिहार सरकार में बनेंगे अधिकारी, एक पहले से ही है BDO
किशनगंज के पांच युवाओं ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है, जिसमें मोहम्मद कामरान प्रोबेशन ऑफिसर, शिप्रा दास आपूर्ति निरीक्षक और सम ...और पढ़ें

सम्राट, कामरान और शिप्रा। फाइल फोटो
HighLights
मोहम्मद कामरान प्रोबेशन ऑफिसर बने, पहले से बीडीओ।
शिप्रा दास आपूर्ति निरीक्षक, सम्राट घोष रेवेन्यू ऑफिसर।
अंजलि कुमारी ने 223वां रैंक हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया।
संवाद सहयोगी, किशनगंज। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा माने जाने वाले जिले की बेटा व बेटियों ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता अर्जित की है। इस बार के घोषित रिजल्ट में कोई प्रोवेशन आफिसर तो कोई राजस्व अधिकारी बने हैं।
खगड़ा स्थित हनफिया रोड निवासी मोहम्मद कामरान ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है। इनका चयन प्रोबेशन ऑफिसर के पद पर हुआ है।
मोहम्मद कामरान खगड़ा निवासी मोहम्मद कयामुद्दीन अंसारी के पुत्र हैं। मोहम्मद कामरान के चाचा मोहम्मद कलीमुद्दीन वार्ड पार्षद हैं। मोहम्मद कामरान फिलहाल मधेपुरा जिले के एक प्रखंड में बीडीओ के पद पर कार्यरत हैं।
प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी। लगातार मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम रहा कि उन्होंने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
शिप्रा दास का आपूर्ति निरीक्षक पद पर चयन
शहर के खगड़ा रामजानकी पुल निवासी शिप्रा दास का चयन आपूर्ति निरीक्षक पद पर हुआ है। शिप्रा दास स्वर्गीय निखिल दास की पुत्री हैं। उनके चाचा वरीय अधिवक्ता शिशिर कुमार दास ने बताया कि शिप्रा शुरू से ही पढ़ाई में मेहनती रही हैं और उन्होंने कठिन परिश्रम के दम पर यह सफलता हासिल की है।
आपूर्ति निरीक्षक पद पर चयन को लेकर परिवार में उत्सव का माहौल है। स्वजनों ने बताया कि शिप्रा की इस उपलब्धि से जिले की अन्य छात्राओं को भी प्रेरणा मिलेगी।
शिप्रा दास ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के लोगों शिक्षकों के मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
सम्राट घोष बने रेवेन्यू ऑफिसर
शहर के खगड़ा मछमारा निवासी सम्राट घोष का चयन रेवेन्यू आफिसर पद पर हुआ है। सम्राट घोष मृत्युंजय घोष के पुत्र हैं। इनकी मां सम्पा घोष ने बताया कि सम्राट शुरू से ही पढ़ाई में मेहनती रहे हैं और उन्होंने कठिन परिश्रम के दम पर यह सफलता हासिल की है।
उनके चयन को लेकर परिवार में उत्सव का माहौल है। सम्राट ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के लोगों शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
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अंजली को मिला 223वां रैंक
खड़ैतासा निवासी सुरेन्द्र चौरसिया की बहू अंजली कुमारी ने 223वां रैंक हासिल किया। इनके पति मंथन चौरसिया पहले से प्रखंड पदाधिकारी हैं। अंजली पहले नवोदय विद्यालय में अंग्रेजी की शिक्षक थीं।
शुरुआती पढ़ाई मुंगेर जमालपुर में हुई। अंजली ने सफलता का श्रेय परिवार व गुरुजनों को दिया। अंजली ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और गुरुजनों को देते हुए कहा कि सबने हर कदम पर साथ दिया।
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