किशनगंज में रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई में धांधली! DAC नंबर लेने के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर
किशनगंज में घरेलू गैस सिलेंडर की नई डिलीवरी व्यवस्था (DAC) उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गई है। गैस एजेंसियां बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं से DAC को ...और पढ़ें

सिलेंडर के लिए लाइन में लगे लोग। फोटो जागरण

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संवाद सूत्र, बहादुरगंज (किशनगंज)। घरेलू गैस सिलेंडर की नई डिलीवरी व्यवस्था में बदलाव किये गये हैं। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को बिना डिलीवरी आथेंटिकेशन कोड (डीएससी) या ओटीपी बताये सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है।
गैस कंपनी की ओर से सभी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश जारी किये गये हैं कि बिना डीएससी कोड सत्यापित किये गैस सिलेंडर डिलीवरी नहीं करना है।
यह कोड उपभोक्ताओ को रजिस्टर मोबाइल नंबर से बुकिंग करने के उपरांत उसके मोबाइल नंबर पर छह अंक का डीएससी नंबर गैस कम्पनी की ओर से भेजा जाता है।
गैस कंपनी ऐसी व्यवस्था असली उपभोक्ताओं को सुविधापूर्वक गैस आपूर्ति किया गया है, परंतु व्यवस्था के विपरीत गैस एजेंसी वाले ऑनलाइन गैस नंबर लगाने के बाद उपभोक्ताओं को कालकर DAC नंबर ले लिया जाता है।
ऐसे उपभोक्ताओं को बाद में गैस सिलेंडर घर तक तक नहीं पहुंचाया जा रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं के ऑनलाइन गैस आपूर्ति हेतु लगाये गये बुकिंग को गैस सिलेंडर डिलीवर दिखाकर मार्केट में कालाबाजारी कर दिया जाता है।
बाद में उपभोक्ताओं के द्वारा गैस मांगे जाने पर वैसे उपभोक्ताओं गैस सिलेंडर डिलीवर कर दिये जाने की बात कही जाती है। वैसी स्थिति में गैस उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बुकिंग स्वत: हो रही रद
रहमानगंज निवासी अनीसुर रहमान, झिलझिली निवासी जुलफ्फेकार आलम सहित दर्जनो उपभोक्ताओं ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद गैस एजेंसी वाले के द्वारा डीएससी नंबर दिये जाने पर उन्हें गैस नहीं दिया गया।
अब फिर से ऑनलाइन बुकिंग के लिए 21 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। एक गैस एजेंसी कर्मी ने बताया कि लोगों की सुविधा के मद्देनजर डीएससी नंबर लिया जा रहा है, जो उपभोक्ता डीएससी नंबर दे देते हैं, वे कार्यालय से संपर्क कर गैस ले सकते हैं।
बताते चले कि ऑनलाइन बुकिंग के उपरांत गैस एजेंसी कार्यालय को डीएससी नंबर नहीं बताये जाने पर तीन चार दिन के बाद आपके द्वारा बुकिंग को स्वत रद कर दिया जाता है।
गैस हाकर द्वारा लंबे समय से होम डिलीवरी भी नहीं किया जा रहा है। जिस कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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