लखीसराय के आंगनबाड़ी केंद्रों में फंड का संकट, पोषाहार वितरण रुकने से हजारों बच्चे और महिलाएं प्रभावित
लखीसराय के 1,190 आंगनबाड़ी केंद्र वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं, जिससे जून से बच्चों का गर्म भोजन और गर्भवती महिलाओं का टेक होम राशन बंद हो गया है। ...और पढ़ें
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सूर्यगढ़ा प्रखंड की महेशपुर पंचायत में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे। सौ- ग्रामीण
HighLights
लखीसराय के 1,190 आंगनबाड़ी केंद्र वित्तीय संकट में।
जून से बच्चों का गर्म भोजन, महिलाओं का राशन बंद।
फंड जारी न होने से हजारों लाभार्थी प्रभावित।
मुकेश कुमार, लखीसराय। जिले के सातों प्रखंडों में बाल विकास परियोजना के तहत संचालित 1,190 आंगनबाड़ी केंद्र इन दिनों वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। जून माह की पोषाहार राशि जारी नहीं होने और सरकारी आवंटन में तकनीकी विलंब के कारण केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाला गर्म पका भोजन पूरी तरह बंद है।
गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाला टेक होम राशन (टीएचआर) भी नहीं बांटा जा रहा है। जुलाई माह के 12 दिन बीत जाने के बावजूद केंद्रों तक राशि नहीं पहुंचने से पोषण कार्यक्रम की रफ्तार थम गई है।
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 98,578 पंजीकृत बच्चों को प्रतिदिन निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का प्रविधान है। वहीं 53,782 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पूरक पोषाहार दिया जाता है। लेकिन, आवंटन के अभाव में दोनों व्यवस्थाएं प्रभावित हैं।
कई केंद्रों पर बच्चे बिना भोजन किए लौट रहे हैं, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति भी कम होने लगी है। जबकि कई केंद्र इस कारण खुलते ही नहीं। इससे सरकार के कुपोषण मुक्त बिहार और प्रारंभिक बाल विकास के लक्ष्य पर भी असर पड़ने की आशंका है।
विभागीय व्यवस्था के अनुसार पोषण ट्रैकर एप पर बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की उपस्थिति और चेहरे का फोटो अपलोड होने के बाद ही पोषाहार मद की राशि जारी की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों से इस प्रक्रिया में विलंब हुआ, जिसका असर पूरे जिले पर पड़ा है।
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दूसरी ओर, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं को कई माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने से उनमें भी असंतोष है। कई परियोजनाओं में सीडीपीओ के तबादले के बाद नए पदाधिकारियों ने अब तक योगदान नहीं दिया है, जिससे प्रशासनिक कार्यों की गति भी धीमी पड़ी है। सेविकाओं का कहना है कि लगातार आर्थिक परेशानी के बीच केंद्रों का सुचारु संचालन करना कठिन होता जा रहा है।
आंगनबाड़ी सेविका संघ की नेत्री नूतन कुमारी ने बताया कि जून माह की पोषाहार राशि अब तक नहीं मिली है और कई माह से मानदेय भी लंबित है। उन्होंने कहा कि राशि समय पर उपलब्ध नहीं होने से केंद्रों पर बच्चों और लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
तकनीकी कारणों से जून माह की राशि के आवंटन में विलंब हुआ था। अब जिले की सभी परियोजनाओं के लिए राशि आवंटित कर दी गई है और शीघ्र ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के खातों में पोषाहार मद की राशि भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से लाभार्थियों का सत्यापन और आनलाइन मानिटरिंग लगातार की जा रही है। सत्यापित डाटा के आधार पर ही राशि जारी की जाती है, इसलिए प्रक्रिया पूरी होते ही टीएचआर और पोषाहार वितरण सामान्य हो जाएगा।
वंदना पांडेय, डीपीओ, आइसीडीएस, लखीसराय