लखीसराय के सीएचसी में अव्यवस्था का बोलबाला: डॉक्टर नदारद, मरीज बेहाल; 20 दिनों से बिजली गुल
लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित बरहरा गांव का करोड़ों की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अव्यवस्था का शिकार है। जागरण की पड़ताल में ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अमित कुमार, रामगढ़ चौक (लखीसराय)। रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय से करीब 9 किलोमीटर दूर सुरारी इमामनगर पंचायत के बरहरा गांव स्थित कपस्या फील्ड में करोड़ों की लागत से बना 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व्यवस्था की लापरवाही का शिकार हो गया है।
विधानसभा चुनाव से पहले बड़े वादों के साथ शुरू किए गए इस अस्पताल की हकीकत जागरण की पड़ताल में चौंकाने वाली सामने आई। शुक्रवार सुबह 9:30 बजे जब जागरण टीम अस्पताल पहुंची, तो वहां सिर्फ एक गार्ड अशोक यादव मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि दो गार्ड की तैनाती है, लेकिन दूसरा गार्ड गायब है। हैरानी की बात यह रही कि निर्धारित समय 10:00 बजे के बावजूद 10:45 बजे तक कोई डाक्टर या स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंचे थे। करीब 10:55 बजे डीभीडीएमएस आपरेटर अनुज कुमार अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक इलाज के लिए आए मरीज निराश होकर इंतजार करते रहे।
अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों ने बताया कि सुबह 10:15 बजे से ही वे डाक्टर के इंतजार में बैठे हैं, लेकिन कोई चिकित्सक मौजूद नहीं थे। ओपीडी का समय 10:00 बजे से 2:00 बजे तक तय है, लेकिन यहां डाक्टर अक्सर 12 बजे के बाद आते हैं और एक बजे तक लौट जाते हैं। अस्पताल में रोस्टर तक नहीं लगाया गया है, जिससे मरीजों को यह भी पता नहीं चलता कि किस दिन कौन डाक्टर उपलब्ध रहेंगे।
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स्थिति और भी गंभीर तब नजर आई जब अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव सामने आया। अनुज कुमार ने बताया कि पिछले 20 दिनों से अस्पताल में बिजली नहीं है, क्योंकि बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया है। पानी की भी भारी किल्लत है और कर्मचारियों को बाहर से पानी लाकर पीना पड़ता है।
इंटरनेट सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों का रजिस्ट्रेशन मोबाइल के सहारे किसी तरह किया जा रहा है। रात के समय स्थिति और भयावह हो जाती है। गार्ड अशोक यादव के अनुसार, बिजली नहीं रहने से अंधेरे में ड्यूटी करना मुश्किल हो जाता है और अस्पताल सुनसान इलाके में होने के कारण भय का माहौल बना रहता है।
उधर बरहरा गांव निवासी और हम पार्टी के जिला महासचिव अमरजीत मांझी ने बताया कि डाक्टर समय पर नहीं आते और मनमाने ढंग से ड्यूटी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लापरवाही रामगढ़ चौक पीएचसी प्रभारी की अनदेखी का नतीजा है, जिनका इस अस्पताल पर कोई नियंत्रण नहीं दिखता।
इस संबंध में जब रामगढ़ चौक पीएचसी प्रबंधक अरुण कुमार से बात की गई, तो उन्होंने संतोषजनक जवाब देने के बजाय फोन पर ही टालमटोल करते हुए कहा कि स्वास्थ्यकर्मी आते-जाते रहते हैं।
हालांकि, वे यह स्पष्ट नहीं कर सके कि कौन कब आते हैं। छह महीने पहले बड़े दावों के साथ शुरू हुआ यह स्वास्थ्य केंद्र अब खुद बीमार नजर आ रहा है। सवाल यह है कि जब बुनियादी सुविधाएं और जिम्मेदार डाक्टर ही नहीं होंगे, तो आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा कैसे मिल पाएगी।