बारिश ने बढ़ाई लखीसराय और किऊल की दूरी, नदी में पानी आते ही टूटा संपर्क; 50 हजार लोग प्रभावित
लखीसराय में लगातार बारिश से किऊल नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अस्थायी पुलिया बह गई, जिससे लखीसराय शहर और चानन प्रखंड के गांवों के बीच सीधा संपर्क टूट ग ...और पढ़ें

बारिश ने बढ़ाई लखीसराय और किऊल की दूरी, नदी में पानी आते ही टूटा संपर्क
HighLights
लगातार बारिश से किऊल नदी का जलस्तर बढ़ा।
अस्थायी पुलिया बहने से सीधा संपर्क टूटा।
50 हजार लोगों को 8 किमी का चक्कर।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। जिले में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर अब नदियों के जलस्तर पर साफ दिखने लगा है। शहर से सटी किऊल नदी में पिछले 24 घंटे के दौरान जलस्तर बढ़ने से नदी पर स्थानीय लोगों के सहयोग से बनाई गई अस्थायी पुलिया तेज धारा में बह गई।
पुलिया बहते ही लखीसराय शहर, किऊल स्टेशन और चानन प्रखंड के दर्जनों गांवों के बीच सीधा संपर्क टूट गया। इससे करीब 50 हजार से अधिक आबादी की परेशानी अचानक बढ़ गई है।
अस्थायी पुलिया के माध्यम से लोग महज 500 मीटर की दूरी तय कर लखीसराय से किऊल स्टेशन पहुंच जाते थे। चानन प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों का सीधा संपर्क भी था।
अब पुलिया बह जाने के बाद लोगों को विद्यापीठ चौक होकर लगभग आठ किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी रोजाना आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, मरीजों और बाइक सवारों को हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात से पहले जनसहयोग से अस्थायी पुलिया का निर्माण कराया जाता है, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ते ही यह बह जाती है। इसके बाद कई महीनों तक लोगों को लंबी दूरी तय कर आवागमन करना पड़ता है।
फिलहाल किऊल नदी पार करने का एकमात्र विकल्प रेलवे पुल है, लेकिन वहां से पैदल गुजरना जोखिम भरा होने के साथ अवैध भी है। किसी अप्रिय घटना से बचाव के लिए ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन के पास ट्राली लगाकर लोगों की आवाजाही रोक दी है।
इधर, किऊल नदी में रेलवे पुल के समानांतर बन रहे नए आरसीसी पुल का निर्माण कार्य भी जलस्तर बढ़ने से ठप हो गया है। पुल के बनाए गए पिलर (पाया) का निचला हिस्सा पानी में डूब गया है, जिससे निर्माण एजेंसी ने फिलहाल कार्य रोक दिया है।
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वहीं, हरुहर और गंगा नदी का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
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