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    लखीसराय में निक्षय मित्र मॉडल बना गेमचेंजर, टीबी मरीजों को मिल रहा पोषण

    Updated: Sun, 03 May 2026 03:20 PM (IST)

    लखीसराय में निक्षय मित्र मॉडल टीबी उन्मूलन में गेमचेंजर साबित हो रहा है, जहां 79 निक्षय मित्र 145 टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार प्रदान कर रहे हैं। ...और पढ़ें

    मरीजों को पौष्टिक आहार देते निक्षय मित्र। (जागरण)

    मरीजों को पौष्टिक आहार देते निक्षय मित्र। (जागरण)

    HighLights

    1. निक्षय मित्र मॉडल से टीबी उन्मूलन अभियान को गति।

    2. 79 निक्षय मित्र 145 टीबी मरीजों को दे रहे पोषण।

    3. पौष्टिक आहार से टीबी मरीज तेजी से हो रहे स्वस्थ।

    संवाद सहयोगी, लखीसराय। जिले में टीबी उन्मूलन की लड़ाई अब सिर्फ स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज की भागीदारी से यह जन आंदोलन का रूप लेती दिख रही है।

    केंद्र सरकार के वर्ष 2030 तक टीबी मुक्त लक्ष्य को साधने के लिए जिले में निक्षय मित्र मॉडल को तेजी से लागू किया गया है।

    पूर्व जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र की पहल पर पंचायतवार सघन स्क्रीनिंग अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान की गई और इलाज सुनिश्चित किया गया। टीबी मरीजों के ससमय स्वस्थ होने के लिए दवा के साथ-साथ पौष्टिक आहार जरूरी है।

    गरीब तबके के टीबी मरीज पौष्टिक आहार नहीं ले पाते हैं। इस कारण वे ससमय स्वस्थ नहीं हो पाते हैं। विभाग ने टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने को लेकर पूर्व से ही आम लोगों के निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लेकर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था है परंतु जिले के लोग निक्षय मित्र बनने के प्रति उदासीन थे।

    यही कारण है कि मार्च 26 तक जिले में 48 निक्षय मित्र ही मौजूद थे। उनके द्वारा 111 टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रतिमाह पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता था।

    पूर्व जिलाधिकारी मिथेलेश मिश्र ने टीबी मरीजों का इलाज सुनिश्चित कराते हुए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने को लेकर लोगों को निक्षय मित्र बनने के लिए प्रोत्साहित करते हुए टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया।

    उनके प्रयास से जिले में 31 नए निक्षय मित्र बन गए। अब इस अभियान को नई धार देते हुए निक्षय मित्रों की भूमिका अहम हो गई है।

    वर्तमान समय में जिले में कुल 79 निक्षय मित्र हैं जो 145 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध करा रहे हैं।

    सिविल सर्जन जेपी सिंह ने बताया कि दवा के साथ पोषण पर यह फोकस यह अभियान मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कुंजी बन रहा है। लखीसराय का यह मॉडल राज्य के अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बनने की ओर बढ़ रहा है।

    निक्षय मित्र से प्रतिमाह मिलने वाले पौष्टिक आहार

    एक किलोग्राम हॉर्लिक्स, दो किलोग्राम चावल, एक किलोग्राम गेहूं का आटा, 500 ग्राम मूंग, 500 ग्राम सोयाबीन, 500 ग्राम सूर्यमुखी तेल, 500 ग्राम चना का सत्तू, 500 ग्राम मूंगफली के अलावा साबुन, सर्फ एवं तेल।

    क्या कहते हैं निक्षय मित्र

    निक्षय मित्र डॉ. कुमार अमित ने बताया कि उन्होंने तीन टीबी मरीजों को गोद लिया है। तीनों ही टीबी मरीजों को प्रतिमाह पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीज पौष्टिक आहार पाकर काफी खुश होते हैं। इतना ही नहीं पौष्टिक आहार का सेवन कर तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।

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    क्या कहते हैं टीबी मरीज

    टीबी मरीज विक्कम के सोनू कुमार, संग्रामपुर की मखनी देवी, कुंदर की सरिता देवी, नोनगढ़ के सुधीर राम एवं शिवनगर की रेखा देवी की मानें तो निक्षय मित्र से काफी सहायता मिल रही है। वे लोग गरीब हैं।

    बीमारी के कारण मजदूरी नहीं कर पा रहे हैं। निक्षय मित्र द्वारा प्रतिमाह पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। दवा के साथ-साथ पौष्टिक आहार खाकर वे लोग स्वस्थ हो रहे हैं। इसके अलावा निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये मिल रहा है।

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