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    लखीसराय नीट फर्जीवाड़ा: ईओयू की जांच तेज, रिमांड पर सॉल्वरों से पूछताछ कर मास्टरमाइंड की तलाश

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 06:51 PM (IST)

    आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) नीट फर्जीवाड़ा मामले में जेल में बंद सॉल्वरों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। इसका उद्देश्य पूरे नेटवर्क और फरार मास्टरमाइंड ...और पढ़ें

    ईओयू की जांच तेज, रिमांड पर सॉल्वरों से पूछताछ कर मास्टरमाइंड की तलाश

    ईओयू की जांच तेज, रिमांड पर सॉल्वरों से पूछताछ कर मास्टरमाइंड की तलाश

    HighLights

    1. ईओयू जेल में बंद सॉल्वरों को रिमांड पर लेगी।

    2. पूछताछ से फर्जीवाड़ा नेटवर्क और मास्टरमाइंड का खुलासा होगा।

    3. लखीसराय में दर्ज तीन मामलों की समीक्षा की गई।

    जागरण संवाददाता, लखीसराय। नीट फर्जीवाड़ा मामले की जांच अब और तेजी से होगी। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने जेल में बंद आरोपित सॉल्वरों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी तेज कर दी है। जांच एजेंसी का मानना है कि रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ से पूरे फर्जीवाड़ा नेटवर्क, इसके संचालन के तरीके, आर्थिक लेन-देन और फरार मास्टरमाइंड तक पहुंचने में अहम सुराग मिल सकते हैं।

    पटना मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में ईओयू के अपर पुलिस महानिदेशक अमित जैन ने लखीसराय के दो थानों में दर्ज नीट फर्जीवाड़े से जुड़े तीन मामलों की समीक्षा की।

    बैठक में उन्होंने अनुसंधान पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जेल में बंद आरोपितों को रिमांड पर लेकर विज्ञानी एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन पूछताछ की जाए तथा फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अभियान में तेजी लाई जाए।

    निर्देश मिलने के बाद मामले की जांच कर रहे डीएसपी मिथिलेश जायसवाल, अशोक कुमार और महेश चौधरी सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, ईओयू की टीम गुरुवार को लखीसराय पहुंचकर न्यायालय से रिमांड की अनुमति लेने की प्रक्रिया पूरी कर सकती है।

    अनुमति मिलने के बाद सभी आरोपितों को पूछताछ के लिए पटना ले जाया जाएगा। वर्तमान में लखीसराय मंडल कारा में इस मामले में गिरफ्तार 12 मेडिकल छात्र, एक मूल परीक्षार्थी और 17 बायोमेट्रिक कर्मी न्यायिक हिरासत में हैं।

    तीनों कांडों के सभी आरोपितों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि फर्जीवाड़े में किसकी क्या भूमिका थी, किन माध्यमों से अभ्यर्थियों से संपर्क किया गया, धन का लेन-देन कैसे हुआ और परीक्षा केंद्रों तक नेटवर्क किस तरह संचालित किया गया।

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    सूत्रों के अनुसार, ईओयू की एक टीम सॉल्वरों के शैक्षणिक संस्थानों, प्रशिक्षण संस्थाओं और अन्य संबंधित ठिकानों पर भी जांच कर रही है। साथ ही डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल फोन, लैपटाप, बैंक खातों और काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

    जांच एजेंसी को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार मास्टरमाइंड तक जल्द पहुंचा जा सकेगा।

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