यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PhD कोर्स वर्क से निलंबित शोधार्थियों ने मांगी आत्मदाह की अनुमति, राष्ट्रपति को लिखा लेटर
बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा (BN Mandal University Madhepua) में पीएचडी कोर्स वर्क से निलंबित शोधार्थियों ने कुलानुशासक पर गंभीर आरोप लगाते हुए राष ...और पढ़ें

HighLights
- बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा का मामला
- दोनों शोधार्थियों पर अनुशासनहीनता का आरोप
- दोनों छात्रों से 13 फरवरी को मिलेंगे कुलानुशासक
संवाद सूत्र, मधेपुरा। बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा (बीएनएमयू) में पीएचडी कोर्स वर्क में अध्ययनरत छात्र अरमान अली और छात्रा मौसम कुमारी ने कुलानुशासक (प्रॉक्टर) के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखकर दीक्षा समारोह के दिन 19 फरवरी को आत्मदाह की अनुमति मांगी है।
दोनों शोधार्थियों ने प्रॉक्टर पर धमकी भरे पत्र लिखने और गाइड को शोध निर्देशन से हटने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।
इधर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय में अराजकता फैलाने और भीड़ के साथ कार्यालय में तालाबंदी करने के आरोप में दोनों को निलंबित किया गया था। अनुशासनहीनता और अराजकता को लेकर कार्रवाई की गई है।
UGC की संयुक्त सचिव ने लिया संज्ञान
वहीं, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की संयुक्त सचिव अशीमा मंगला ने मामले में संज्ञान लेते हुए अपने अधीनस्थ को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।इस बीच 19 फरवरी को होने वाले दीक्षा समारोह को लेकर प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है।
विश्वविद्यालय में अराजकता फैलाने को लेकर पीएचडी कोर्स वर्क से निलंबित किए गए दोनों शोधार्थियों के राष्ट्रपति से आत्मदाह करने की अनुमति मांगने पर प्रशासन सक्रिय हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार को दोनों से अपनी समस्या रखने को कहा है। इसके बाद विवि की ओर से प्रशासनिक कदम बढ़ाया जाएगा।
अरमान अली फिजिक्स में स्टडी फार द कोलैप्स आफ फ्री स्टैंडिंग सिंगल वाल्ड कार्बन नैनोट्यूब यूजिंग डेनसिटी फंक्शन थ्योरी और मौसम कुमारी वनस्पति विज्ञान में स्टडीज आन इथनोमेडिसिनली इम्पोर्टेंट एक्वाटिक प्लांटस आफ महिषी ब्लाक सहरसा टापिक पर शोध कर रही हैं।
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कुलपति पर हमला समेत अन्य आरोपों में सितंबर 2024 में हुआ था निलंबन:
गत सात सितंबर 2024 को विवि के कुलसचिव ने दोनों शोधार्थियों को निलंबन संबंधी पत्र जारी किया था। इसमें कहा गया था कि उक्त तिथि को शाम में विवि गेट पर विवि के पदाधिकारी और कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए जानलेवा हमला भी किया गया। कुलपति को गाड़ी से खींच कर उतारने का प्रयास किया गया।
यही नहीं, कुलपति पर कुर्सी फेंक कर हमला किया गया। उक्त आरोपों में पीएचडी पाठ्यक्रम से दोनों शोधार्थियों को निलंबित किया गया था।
पहले भी अनुशासनहीनता का लग चुका था आरोप:
विश्वविद्यालय के कुलानुशासक ने 16 मार्च को छात्र अरमान अली से शोकाज किया था, जिसमें विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन, कार्यालय बंदी, जोरजबरदस्ती की नारेबाजी कर अशांति फैलाते हुए विधि व्यवस्था को भंग करने की बात कही गई थी। शोकॉज में स्पष्ट रूप से इस हरकत को आदर्श छात्र के विपरीत बताया गया। अनुशासनहीन कार्यों के लिए तब जवाब मंगा गया था।
दोनों छात्र-छात्रा को सूचित कर गुरुवार को विवि बुलाया गया है। दोनों से उनकी समस्या विश्वविद्यालय जानेगी। इसके बाद विश्वविद्यालय से प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार का कदम उठाया जाएगा। - डॉ. बिमल सागर, कुलनुशासक बीएन मंडल विश्वविद्यालय
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