मधेपुरा में सड़क हादसे के बाद बवाल: एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की मौत पर NH जाम, पत्नी को नौकरी देने की मांग
सिंहेश्वर में एनएच 106 पर ट्रैक्टर-बाइक टक्कर में घायल कार्यपालक सहायक राजू सरदार की उपचार के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवज ...और पढ़ें
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शव रखकर जाम करते परिजन। (जागरण)
HighLights
कार्यपालक सहायक राजू सरदार की सड़क दुर्घटना में मौत।
मुआवजे और अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एनएच जाम।
प्रशासन के आश्वासन पर चार घंटे बाद जाम खुला।
संवाद सूत्र, सिंहेश्वर(मधेपुरा)। सिंहेश्वर थाना क्षेत्र में एनएच 106 पर बड़हरी गांव के समीप बुधवार की शाम ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर में गंभीर रूप से घायल कार्यपालक सहायक राजू सरदार की उपचार के दौरान मौत हो गई।
दुर्घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए नेपाल स्थित न्यूरो अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों ने गुरुवार की सुबह शव पहुंचते ही राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
देर तक सड़क पर अफरातफरी का माहौल बना रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गई। घटना की सूचना मिलते ही सीओ नवीन कुमार सिंह व थानाध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
हालांकि, प्रदर्शनकारी डीएम को मौके पर बुलाने और लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ता देख अधिकारियों ने इसकी सूचना वरीय पदाधिकारियों को दी।
इस बीच बीडीओ ज्योति गामी भी घटनास्थल पर पहुंचीं और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अनुकंपा नियुक्ति और मुआवजे की मांग पर डटे रहे। इसके बाद मधेपुरा एसडीएम संतोष कुमार मौके पर पहुंचे और स्वजन को सरकार द्वारा मिलने वाली सभी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती तो चार घंटे बाद हटा जाम
ग्रामीणों का कहना था कि राजू सरदार की मौत ड्यूटी के दौरान हुई है, इसलिए उनकी पत्नी को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाय, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके। बताया गया कि मृतक को दो बेटे और दो बेटियां हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है और सरकार को तत्काल मदद करनी चाहिए। काफी देर तक समझाने के बावजूद जाम समाप्त नहीं होने पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई।
डीएसपी ट्रैफिक चेतानंद झा समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जाम स्थल को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस की दबिश बढ़ने के बाद धीरे-धीरे लोग हटने लगे। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
कमरगामा पंचायत से ड्यूटी से लौट रहे थे राजू सरदार
जानकारी के अनुसार शंकरपुर प्रखंड के गिद्दा निवासी राजू सरदार कमरगामा पंचायत में कार्यपालक सहायक के पद पर कार्यरत थे। बुधवार को वे मनरेगा के तहत लगाए गए पौधों की स्थिति का सर्वे करने गए थे। उन्हें यह रिपोर्ट तैयार करनी थी कि कितने पौधे जीवित हैं और कितने सूख चुके हैं।
इधर मृतक के साथ कार्य कर रहे अन्य कार्यपालक सहायकों ने भी सरकार के प्रति नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि संविदा कर्मियों से कई विभागों का काम लिया जाता है। सुबह से देर रात तक कार्य करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधा और सुरक्षा नहीं मिलती है।
बताते चलें कि बुधवार की शाम हुई दुर्घटना में रूपौली पंचायत के सतोखर निवासी 45 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा, 28 वर्षीय पप्पू शर्मा और एक बच्चा भी घायल हुआ था। सभी घायलों का इलाज जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार चल रहा है।