बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में लागू होगी नई समय-सारणी, सामान्य दिनों में सुबह 4 और सोमवार को 3 बजे खुलेंगे पट
सिंहेश्वरनाथ मंदिर में श्रावणी मेला के सफल संचालन हेतु न्यास समिति और पंडा समाज की बैठक हुई। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा और दर्शन के लिए न ...और पढ़ें
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HighLights
श्रावणी मेला संचालन हेतु न्यास समिति और पंडा समाज की बैठक।
बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-दर्शन के लिए नई समय-सारिणी तय।
श्रद्धालुओं की सुविधा और पंडा समाज की समस्याओं पर चर्चा।
संवाद सूत्र, सिंहेश्वर (मधेपुरा)। श्रावणी मेला के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए शनिवार को बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर परिसर में सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति और पंडा समाज के पुजारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, पूजा-पद्धति की व्यवस्था और पंडा समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में पंडा समाज ने गर्भगृह को छोड़कर की गई बैरिकेडिंग से उत्पन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पुजारियों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से श्रावणी मेला के दौरान उनकी पारंपरिक सेवा और आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
उनका कहना था कि सावन माह की आय से कई परिवारों का लगभग छह महीने तक भरण-पोषण होता रहा है। पंडा समाज ने अपनी ओर से अमरनाथ ठाकुर उर्फ लाल बाबा को प्रतिनिधि नियुक्त कर अपनी समस्याएं न्यास समिति के समक्ष रखीं।
बैठक में मंदिर की धार्मिक परंपराओं को और अधिक व्यवस्थित बनाने पर सहमति बनी। निर्णय लिया गया कि बाबा सिंहेश्वरनाथ के भोग, आरती और मंदिर के खुलने-बंद होने का समय निर्धारित रहेगा, ताकि श्रद्धालु निश्चित समय पर दर्शन और पूजा कर सकें और किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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निर्धारित समय के अनुसार सामान्य दिनों में ब्रह्ममुहूर्त में सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद सुबह 4:00 से 5:00 बजे के बीच मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
वहीं, श्रावणी सोमवार को श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए रविवार की रात और सोमवार की सुबह सरकारी पूजा के बाद प्रातः 3:00 से 3:30 बजे के बीच मंदिर का पट खोलने का निर्णय लिया गया।
इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे बाबा का भोग और आरती होगी, तथा दोपहर 2:00 बजे तक मंदिर का पट बंद रहेगा। रात्रि 8:30 से 9:30 बजे तक भोग और आरती संपन्न होने के बाद मंदिर बंद कर दिया जाएगा और उसके बाद रात में मंदिर नहीं खोला जाएगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि समयबद्ध व्यवस्था लागू होने से श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा में सुविधा होगी, साथ ही मंदिर की धार्मिक परंपराएं भी व्यवस्थित रूप से संचालित होंगी। बैठक के बाद पंडा समाज और स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे श्रद्धालुओं और मंदिर व्यवस्था दोनों के हित में बताया।
बैठक में न्यास समिति के कोषाध्यक्ष दिलीप खंडेलवाल, प्रबंधक भवेश कुमार, अमरनाथ ठाकुर उर्फ लाल बाबा, हरेंद्र मंडल, योग नारायण मंडल, रौशन ठाकुर, अभिमन्यु कुमार तथा पंडा समाज की ओर से सत्येंद्र ठाकुर, गिरजा ठाकुर, कलानंद ठाकुर, नवीन ठाकुर, सुधीर ठाकुर, निलांबर ठाकुर, विधा्यानंद ठाकुर, वेदानंद ठाकुर, उमा नंद ठाकुर, हीरानंद ठाकुर, शंभु ठाकुर, दीपक ठाकुर, पंकज ठाकुर, संतोष ठाकुर, मुरारी ठाकुर, अरविंद ठाकुर, भगवान ठाकुर, ललन ठाकुर सहित अन्य पुजारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।