विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भारत-नेपाल सीमा रात 10 से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह से रहेगा बंद, सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी में छूट

Published: Sun, 05 Jul 2026 10:06 AM (IST)

एसएसबी और ग्रामीणों के बीच भारत-नेपाल सीमा पर रास्तों को बंद करने के विवाद पर मधवापुर में हुई वार्ता बेनतीजा रही।

News Article Hero Image

HighLights

  1. मधवापुर में एसएसबी-ग्रामीणों की वार्ता बेनतीजा रही।

  2. एसएसबी रात 10 से सुबह 6 बजे तक सीमा बंद करेगी।

  3. ग्रामीणों ने आवागमन में परेशानी की आशंका जताई।

संवाद सहयोगी, मधवापुर। गुरुवार की देर शाम बॉर्डर के कई रास्तों को एसएसबी द्वारा बैरिकेटिंग किए जाने के बाद उत्पन्न हुए विवाद पर शुक्रवार की शाम मधवापुर एसएसबी कैंप में एसएसबी और ग्रामीणों की वार्ता बैठक हुई। वार्ता करीब ढाई घंटे चली, लेकिन निष्कर्ष नहीं निकला।

वहीं वार्ता में 48 वीं बटालियन के कमांडेंट राजेंद्र कुमार, डिप्टी कमांडेंट हरि नारायण जाट, बेनीपट्टी एसडीएम सारंग पानी पांडेय, डीएसपी अमित कुमार, बीडीओ मनोज कुमार मुर्मू, सीओ सुनील कुमार और थानाध्यक्ष सन्नी कुमार मौसम सहित कई अधिकारी शामिल रहे।

वार्ता से पूर्व एसडीएम और डीएसपी बार्डर एरिया में स्थल निरीक्षण किए और समस्या से अवगत हुए। वार्ता के दौरान ग्रामीणों का कहना था कि रात 10 बजे के बाद बार्डर को बंद कर दें, बशर्ते इमरजेंसी और शादी विवाह को छोड़कर, हमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन रास्ता बंद करने से आवागमन में परेशानी बढ़ेगी। बच्चे स्कूल नहीं जा पाएंगे, रसोई गैस की गाड़ी नहीं पहुंच पाएगी, सेफ्टी टैंक नहीं आ पाएगा।

Madhubani News

इसके अलावा अन्य जरूरी सेवा से हम वंचित हो जाएंगे। इसलिए हमलोग चाहते हैं कि जांच पूरी तरह से हो, लेकिन रास्ता को बंद न करें। वहीं एसएसबी अधिकारियों के अनुसार रास्ता बंद करने का आदेश ऊपर से है। अधिक रास्ता होने के कारण सुरक्षा में परेशानी होती है। जवानों की संख्या कम है। जिस कारण तस्करी, घुसपैठ सहित कई गतिविधियां होने लगती हैं।

हम पैदल जाने वाले को नहीं रोक रहे। बाहर निकलने के लिए रास्ता है। जिससे लोग आ जा सकते हैं। इसलिए दो मुख्य मार्ग और एक गली को छोड़कर सभी को बंद करना ही पड़ेगा। आप सभी ग्रामीण दो से तीन दिन में निर्णय लेकर हमें अवगत करा दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। करीब ढाई घंटे तक चली वार्ता में दोनों पक्ष ने अपनी अपनी बात रख दी, लेकिन सहमति नहीं बनी।

ग्रामीणों ने कहा कि एसएसबी द्वारा आदेश जबरन थोपा जा रहा है। वहीं कमांडेंट राजेंद्र कुमार ने कहा कि देश की सुरक्षा के मद्देनजर और भारत सरकार के आदेशानुसार यह कार्रवाई की जा रही है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बार्डर पूर्णरूप से बंद रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी की छूट दी जाएगी। रोजमर्रा का सामान पर रोक नहीं, लेकिन भारी मात्रा में सामान लाने ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

बहरहाल वार्ता सफल नहीं होने के बाद अब ग्रामीणों का रुख क्या रहेगा और एसएसबी किस तरह रास्ता को बंद करने में सफल होंगी, ये आने वाले कुछ समय में दिखने को मिल सकेगा।

वार्ता में बादल गुप्ता, नीलांबर मिश्र, चेतन कुमार रश्मि, राकेश कुमार नायक, राजेश कुमार एलआईसी, अतिवुल रहमान, गणेश प्रसाद, ललन प्रसाद, काशीनाथ मिश्र, विशाल पूर्वे, संजय साह, रवींद्र साह, सुनील कुमार पूर्वे, शशि गुप्ता सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।

यह भी पढ़ें- कटिहार में सफाई व्यवस्था पर सवाल: 30 वार्डों की सफाई पर हर माह 80 लाख खर्च, फिर भी गंदगी का अंबार

यह भी पढ़ें- मधुबनी: टेलीग्राम पर टास्क के जाल में फंसी सिपाही की पत्नी, ₹1.77 लाख की हुई साइबर ठगी