रेलवे ने प्राइवेट एजेंसी को सौंपा कोचों में पानी भरने का जिम्मा, जमालपुर में 40 कर्मचारी 3 शिफ्ट में करेंगे काम
जमालपुर रेलवे स्टेशन पर अब ट्रेनों के कोचों में पानी भरने का काम एक निजी एजेंसी को सौंपा गया है। इस नई व्यवस्था के तहत 40 कर्मचारी तीन पालियों में काम ...और पढ़ें

प्राइवेट एजेंसी के कर्मचारी। फोटो जागरण
HighLights
जमालपुर स्टेशन पर ट्रेनों में पानी भरने का जिम्मा निजी एजेंसी को।
कोलकाता की विंध्यवासिनी ट्रेडर्स कंपनी संभालेगी जलापूर्ति व्यवस्था।
40 कर्मचारी तीन शिफ्टों में करेंगे ट्रेनों में पानी भरने का काम।
संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। भारतीय रेलवे में निजीकरण की प्रक्रिया के तहत जमालपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के कोचों में पानी भरने की व्यवस्था अब निजी एजेंसी के हवाले कर दी गई है।
अब तक यह जिम्मेदारी रेलवे के कैरेज एंड वैगन विभाग के पास थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत कोलकाता-हावड़ा की निजी कंपनी विंध्यवासिनी ट्रेडर्स को यह कार्य सौंपा गया है।
कंपनी बीबीटी के माध्यम से जलापूर्ति व्यवस्था का संचालन कर रही है। नई व्यवस्था के तहत स्टेशन पर करीब 40 वाटरिंग स्टाफ की तैनाती की गई है। ये कर्मचारी तीन पालियों में ड्यूटी करते हुए स्टेशन से होकर गुजरने वाली मेल, एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों के कोचों में पेयजल भरने का कार्य करेंगे।
बेरोकटोक होगी पानी की सप्लाई
रेलवे का दावा है कि इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान निर्बाध पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी और जलापूर्ति व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी। स्टेशन प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि रेलवे के निर्देशानुसार ट्रेनों में पानी भरने का कार्य अब बीबीटी के माध्यम से कराया जा रहा है। सभी कर्मियों की तैनाती पूरी कर ली गई है और नई व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो चुकी है।
उधर, बीबीटी टीम के सुपरवाइजर विकास कुमार के नेतृत्व में मुकेश कुमार, अभिषेक कुमार, रोशन कुमार, रजनीश कुमार, रवि कुमार, करण कुमार, राहुल कुमार, कृष्ण कुमार, सतीश पासवान समेत अन्य कर्मचारी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। तीनों पालियों में तैनात यह टीम ट्रेनों की जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का कार्य करेगी।
हालांकि, रेलवे के इस कदम को निजीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब इस नई व्यवस्था की सफलता का पैमाना यात्रियों को मिलने वाली सुविधा और सेवा की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा।
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