मुंगेर से दिल्ली तक आतंकी साजिश का पर्दाफाश, पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़े सद्दाम के तार
मुंगेर में गिरफ्तार मु. सद्दाम से रिमांड पर पूछताछ में दिल्ली में भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने की कथित योजना और पाकिस्तानी गैंगस्टर से संपर्क क ...और पढ़ें
HighLights
मुंगेर में गिरफ्तार सद्दाम से दिल्ली साजिश के सुराग मिले।
पाकिस्तानी गैंगस्टर राणा हुसैन से सोशल मीडिया पर संपर्क था।
आईबी, एटीएस और पुलिस मिलकर मामले की जांच कर रही हैं।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। तारापुर थाना क्षेत्र से छह जुलाई को गिरफ्तार मु. सद्दाम को रिमांड पर लेकर मुंगेर पुलिस ने घंटों पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में इंटरनेट मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर से संपर्क, संदिग्ध नेटवर्क और दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने की कथित योजना से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आइबी, बिहार एटीएस और जिला पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। एसपी सैयद इमरान मसूद ने रविवार को कासिम बाजार थाना में बताया कि तारापुर थाना क्षेत्र का मिल्की खानपुर निवासी मु. सद्दाम (22) को छह जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
उसके पास से एक देसी पिस्टल और मोबाइल फोन बरामद किया गया था। इस मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से मुंबई में रह रहा था और करीब दो वर्षों से इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तानी गैंगस्टर राणा हुसैन के संपर्क में था। पुलिस का कहना है कि राणा हुसैन का नाम पहले भी बिहार एटीएस के एक मामले में सामने आ चुका है।
दिल्ली को निशाना बनाने की कथित योजना
पुलिस के अनुसार पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर बिहार के विभिन्न जिलों में छापेमारी की गई। बीते दिन इसी क्रम में कटिहार से मु. अहद को गिरफ्तार किया गया, जिसे इस मामले में सद्दाम का करीबी सहयोगी बताया गया है।
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जांच एजेंसियां इस दावे की भी जांच कर रही हैं कि दोनों दिल्ली के एक भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने की कथित योजना पर काम कर रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा था सद्दाम
एसपी ने बताया कि सद्दाम ने नौवीं तक पढ़ाई की है और कथित रूप से इंटरनेट मीडिया के माध्यम से देशविरोधी तत्वों के संपर्क में था। उसका मोबाइल फोन फोरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है।
डिजिटल साक्ष्यों, चैट, कॉल डिटेल और इंटरनेट मीडिया गतिविधियों की जांच चल रही है। आइबी और बिहार एटीएस पहले ही उससे पूछताछ कर चुकी हैं।
पुलिस के अनुसार सद्दाम के पिता पिछले करीब 20 वर्षों से मुंबई में दर्जी का काम करते हैं और परिवार के अन्य सदस्य भी वहीं रहते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वह किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियों में कब बदलाव आया।