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    मुंगेर में घनघोर बारिश से थमा शहर, सड़कें धंसी-बिजली गुल, स्कूल-कारखानों में घुसा पानी; कई ट्रेनें लेट

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 08:22 PM (IST)

    मुंगेर में 36 घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिससे सड़कें धंस गईं, रेलवे ट्रैक डूबे और स्कूलों व कारखानों में पानी भर गया। ...और पढ़ें

    रेलवे ट्रेक में घुसा पानी। फोटो जागरण

    रेलवे ट्रेक में घुसा पानी। फोटो जागरण

    HighLights

    1. 36 घंटे की मूसलाधार बारिश से मुंगेर में जलजमाव।

    2. रेलवे ट्रैक डूबे, राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें लेट।

    3. सड़कें धंसी, स्कूल-कारखाने प्रभावित, बिजली आपूर्ति बाधित।

    जागरण टीम, मुंगेर। जिले में मौसम ने ऐसी करवट बदली कि 36 घंटे की लगातार मूसलाधार वर्षा से जिले में जलजमाव की नौबत आ गई। रविवार रात से सोमवार तक हुई 101 एमएम वर्षा ने शहर से लेकर गांव तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।

    कहीं सड़क धंस गई, कहीं रेलवे ट्रैक डूब गया, तो कहीं स्कूलों में पानी भरने से पठन-पाठन ठप हो गया। जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था ने वर्षा के कहर को और बढ़ा दिया।

    शहर के निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित रहा। सबसे बड़ा असर भागलपुर-जमालपुर-किऊल रेलखंड पर देखने को मिला। कजरा स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक पर भारी जलजमाव होने के कारण सोमवार सुबह 8:20 बजे से 10:30 बजे तक रेल परिचालन पूरी तरह ठप रहा।

    रेलवे के इंजीनियरिंग और परिचालन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक से पानी निकालने और सुरक्षा जांच के बाद परिचालन बहाल कराया।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार जलजमाव के कारण सिग्नल प्रणाली भी प्रभावित हुई। ऐसे में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करते हुए ट्रेनों का परिचालन आन-पेपर प्रणाली से कराया गया। इस दौरान ट्रेनों की रफ्तार काफी धीमी रही।

    राजधानी समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनें हुईं लेट

    रेल परिचालन प्रभावित होने से राजधानी एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण ट्रेनें घंटों विलंब से चलीं। प्रभावित ट्रेनों में राजधानी एक्सप्रेस, किऊल-जमालपुर पैसेंजर, बांका-राजेंद्रनगर इंटरसिटी, पटना-दुमका एक्सप्रेस, साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी और विक्रमशिला एक्सप्रेस प्रमुख रहीं।

    स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालय खचाखच भर गए। कई यात्रियों की आगे की यात्रा, नौकरी, इलाज और जरूरी काम प्रभावित हुए।

    रेल कारखाना भी नहीं बचा वर्षा प्रभाव से

    मूसलाधार वर्षा का असर देश के ऐतिहासिक जमालपुर रेल कारखाना पर भी पड़ा। कारखाना के कई शाप में पानी भर जाने से उत्पादन और मरम्मत कार्य करीब दो घंटे तक बाधित रहा। कर्मचारियों को पहले पानी निकालने में जुटना पड़ा।

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    बाद में मोटर पंप लगाकर पानी बाहर निकाला गया, तब जाकर कामकाज सामान्य हो सका। वर्षा ने जलनिकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। मुंगेर-जमालपुर मुख्य मार्ग पर नालों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण करीब दो फीट तक पानी जमा हो गया।

    कई इलाकों में वाहन रेंगते नजर आए, जबकि दोपहिया चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के तोपखाना बाजार में सड़क धंस जाने से लोगों में दहशत फैल गई।

    स्थानीय लोगों ने इसे निर्माण गुणवत्ता और जलनिकासी की लापरवाही का परिणाम बताया। राजद के युवा प्रदेश सचिव गजेंद्र कुमार हिमांशु ने सड़क धंसने की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

    धरहरा के विद्यालय में ठप रही पढ़ाई

    वर्षा का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा। धरहरा स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय महगामा के कई कमरों में करीब दो फीट पानी भर जाने से सोमवार को विद्यालय बंद रखना पड़ा। वहीं कन्या मध्य विद्यालय महगामा जाने वाला मुख्य मार्ग जलमग्न हो गया, जिससे अधिकांश छात्राएं विद्यालय नहीं पहुंच सकीं।

    हालांकि शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचे, लेकिन छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश में विद्यालय परिसर और पहुंच मार्ग पर जलजमाव की यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने विद्यालय परिसर से जलनिकासी और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की।

    नाला अतिक्रमण बना आफत, घरों में पानी

    धरहरा प्रखंड की औड़ाबगीचा पंचायत स्थित वार्ड संख्या 4, 5 और 9 में नाला अतिक्रमण का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जलनिकासी बाधित होने से बारिश का पानी कई घरों में घुस गया। आंगन से लेकर कमरों तक पानी भर जाने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया।

    प्रखंड उप प्रमुख नीरज यादव ने बताया कि उन्होंने 8 जून को ही अंचलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर नाला अतिक्रमण हटाने की मांग की थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा अब आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

    धरहरा प्रखंड में भी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। खजुरिया, अमारी, श्रद्धापुर, बंगलवा, दशरथपुर समेत कई ग्रामीण मार्गों पर जलजमाव होने से आवागमन बाधित रहा। कई जगह सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।

    ठनका गिरने से 12 घंटे ठप रही बिजली

    जमालपुर में रविवार देर रात शुरू हुई मूसलाधार वर्षा के बीच ठनका गिरने से नयागांव फीडर की बिजली आपूर्ति 12 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। इससे उपभोक्ताओं को उमस और पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा।

    विभाग के अनुसार, 50 से अधिक ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खराबी आ गई थी। कनीय अभियंता राज किशोर कुमार के नेतृत्व में टीम ने रातभर अभियान चलाकर फाल्ट दूर किया और सोमवार दोपहर तक आपूर्ति बहाल कर दी। विभाग ने बताया कि ठनका गिरने से प्राकृतिक फाल्ट हुआ था।

    निगम क्षेत्र में धंसी सड़कों ने बढ़ाई चिंता

    मानसून से पहले नगर निगम द्वारा दो चरणों में कराई गई बड़े नालों की सफाई पहली ही तेज वर्षा में कारगर साबित हुई। निगम के अनुसार अधिकांश इलाकों से पानी आधे घंटे के भीतर निकल गया। पूरबसराय, माधोपुर, रिफ्यूजी कालोनी और शहजुबेर रोड जैसे जलजमाव वाले क्षेत्रों में इस बार लोगों को काफी राहत मिली।

    हालांकि सीवरेज और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के बाद मरम्मत नहीं होने से कई सड़कें धंस गईं, जिससे आवागमन जोखिम भरा हो गया। उधर, कमेला-रिफ्यूजी कालोनी बड़े नाले के किनारे दोबारा अतिक्रमण शुरू होने लगा है। लोगों ने चेताया कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जलनिकासी व्यवस्था फिर प्रभावित हो सकती है।

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