मुंगेर में बांस-बल्ली के सहारे टिका सरकारी स्कूल की जर्जर छत, स्कूल आने से कतरा रहे बच्चे
धरहरा के प्राथमिक विद्यालय लकड़कोला का भवन जर्जर होने के कारण सोमवार से पठन-पाठन बंद है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ...और पढ़ें
HighLights
लकड़कोला प्राथमिक विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर, पढ़ाई ठप।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय में पठन-पाठन बंद।
ग्रामीणों ने नए या वैकल्पिक भवन की तत्काल व्यवस्था मांगी।
संवाद सूत्र, धरहरा (मुंगेर)। धरहरा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय लकड़कोला का भवन पूरी तरह जर्जर हो जाने के कारण सोमवार से विद्यालय में पठन-पाठन बंद है। भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
इसे देखते हुए अभिभावकों ने बच्चों को विद्यालय भेजना बंद कर दिया है। इससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यालय में मात्र तीन कमरे हैं और तीनों पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। एक कमरे की दीवार का कोना गिरने की स्थिति में है, जबकि अन्य दीवारों में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं।

खपरैल की छत तीनों कमरों में कई स्थानों से टूटकर गिर चुकी है। लगातार बारिश के कारण कमरों के अंदर मिट्टी और फर्श पूरी तरह गीले हो गए हैं। इससे भवन और कमजोर हो गया है तथा हर समय दीवार या छत गिरने का खतरा बना हुआ है।
भवन की जर्जर स्थिति के कारण विद्यालय में बच्चों का आना बंद हो गया है। हालांकि शिक्षक प्रतिदिन विद्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं और निर्धारित समय तक वहीं रहते हैं, लेकिन छात्रों की अनुपस्थिति के कारण पठन-पाठन नहीं हो पा रहा है। विद्यालय परिसर में भी भय का माहौल है।
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ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही वैकल्पिक भवन में कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था की गई।

ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से तत्काल नए भवन के निर्माण या सुरक्षित स्थान पर पठन-पाठन शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बच्चों की शिक्षा लगातार प्रभावित होती रहेगी और किसी भी समय कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रियंका कुमारी ने बताया कि विद्यालय भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसकी सूचना विभाग के साथ-साथ वरीय अधिकारियों को लिखित रूप से दे दी गई है। भवन की स्थिति को देखते हुए विद्यालय में पठन-पाठन बंद कर दिया गया है, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

उन्होंने कहा कि विभाग से जल्द नए विद्यालय भवन की व्यवस्था कराने या वैकल्पिक भवन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सके।
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