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    मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन में उद्घाटन से पहले दरार, पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर ने बताई वजह

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 10:41 PM (IST)

    मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना के उद्घाटन से पहले ही सड़क में दरारें पड़ने से निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। एनएचएआई ने जांच टीम गठित कर ...और पढ़ें

    फोरलेन सड़क में दरार। फोटो जागरण

    फोरलेन सड़क में दरार। फोटो जागरण

    HighLights

    1. उद्घाटन से पहले मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन में दिखी दरारें।

    2. एनएचएआई ने चार कंक्रीट पैनलों में क्रैक की पुष्टि की।

    3. निर्माण एजेंसी अपने खर्च पर दरारें ठीक करेगी, गुणवत्ता पर सवाल।

    संवाद सहयोगी, मुंगेर। लगभग 125 किमी लंबी मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। भागलपुर जिले के गंगनिया के समीप नवनिर्मित फोरलेन की कंक्रीट सड़क में दरार पड़ने का मामला सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस सड़क का उद्घाटन होना बाकी है, उसमें आखिर इतनी जल्दी दरार कैसे पड़ गई? मामला उजागर होते ही एनएचएआइ और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में परियोजना प्रबंधक ने तकनीकी टीम गठित कर मौके पर जांच कराई।

    परियोजना निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि फोरलेन का निर्माण काम अभी चल रहा है और सड़क का अंतिम हैंडओवर नहीं हुआ है। जांच के दौरान चार पैनल में क्रैक मिलने की पुष्टि हुई है। प्रत्येक पैनल की लंबाई 3.5 मीटर है। पैनल में क्रैक आने के कारण ही सड़क में दरार पड़ी है।

    उन्होंने बताया कि वर्षा में मिट्टी धंसने के कारण पैनल क्रैक हुआ और सड़क में दरार आई है। बिटुमिन वर्क (अलकतरा वाली सड़क) में मिट्टी धंसने के कारण सड़क धंस जाती है। जबकि, ढलाई वाली सड़क हार्ड होने के कारण मिट्टी धंसने पर पैनल क्रैक के कारण दरार पड़ जाता है।

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    क्रैक कर चुके सभी पैनलों को काटकर हटा कर नए सिरे से सभी पैनल लगाया जाएगा, ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। फोरलेन पर 55 टन से अधिक भार क्षमता के सभी प्रकार के वाहन गुजर सकते हैं।

    एजेंसी खुद के खर्च पर बनाएगा पैनल

    परियोजना निदेशक ने बताया कि फोरलेन में क्रैक किए सभी चार पैनल को काट कर हटाते हुए फिर से नया पैनल लगा कर ढलाई करने का काम निर्माण एजेंसी अपने खर्च पर करेगी। क्योंकि अभी फोरलेन निर्माणाधीन है, इसलिए इसमें आने वाला सारा खर्च निर्माण एजेंसी करेगी।

    एजेंसी को अपने खर्च पर काम करना होगा। श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होना है, इसके पूर्व सभी क्रैक हुए सभी पैनल को काट कर नया पैनल लगाते हुए ढलाई का काम पूर्ण करने का निर्देश निर्माण एजेंसी को दिया गया है।

    पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अजीत कुमार से पैनल में क्रैक आने के संबंध में बतौर विशेषज्ञ दैनिक जागरण ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि कंक्रीट सड़क में इस तरह का पैनल क्रैक सामान्य नहीं है।

    मिट्टी भराव और बेस तैयार करने के दौरान गुणवत्ता मानक का पूरी तरह पालन नहीं किए जाने के कारण पैनल क्रैक की समस्या उत्पन्न होती है।

    यदि सबग्रेड पर्याप्त रूप से मजबूत नहीं हो और मिट्टी को पूरी तरह सघन किए बिना ढलाई कर दी जाए, तो बाद मिट्टी धंसने की संभावना रहती है और मिट्टी धंसने पर पैनल क्रैक होने की संभावना बढ़ जाती है।

    पैनल क्रैक होने पर ढलाई में दरार आएगा। बिटुमिन सड़क में मिट्टी धंसने पर अलकतरा वाली सड़क धंस जाती है। जबकि, ढलाई वाली सड़क मिट्टी धंसने के कारण क्रैक हो जाती है।

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