मुंगेर: श्रावणी मेला शुरू होते ही खुली ट्रैफिक व्यवस्था की पोल, श्रीकृष्ण सेतु एप्रोच पथ पर 6 KM लंबा महाजाम
श्रावणी मेला शुरू होते ही मुंगेर में श्रीकृष्ण सेतु एप्रोच पथ पर 6 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे वाहन घंटों रेंगते रहे। दो ट्रकों के खराब होने और ट् ...और पढ़ें

श्रीकृष्ण सेतु एप्रोच पथ पर 6 KM लंबा महाजाम
HighLights
श्रावणी मेला शुरू होते ही 6 किमी लंबा जाम लगा।
दो ट्रकों के खराब होने से यातायात बाधित हुआ।
प्रशासन के दावों के विपरीत व्यवस्था कमजोर दिखी।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। श्रावणी मेला शुरू होते ही ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खुल गई। श्रीकृष्ण सेतु के एप्रोच पथ से काला पत्थर होते हुए नौवागढ़ी भगत चौकी तक करीब छह किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दो घंटे से अधिक समय तक वाहन रेंगते रहे।
सबसे बड़ी बात यह रही कि जिस क्रेन तैनाती और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था का दावा किया गया था, मौके पर न क्रेन दिखी और न ही पर्याप्त पुलिस व्यवस्था। बांका और तेलिया तालाब के पास गुरुवार सुबह करीब छह बजे दो ट्रकों का गुल्ला टूट गया।
दोनों ट्रक सड़क पर ही फंस गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। घंटों बाद क्रेन आया तो करीब 11 बजे ट्रकों को हटाया जा सका, तब जाकर धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही सामान्य हुई।
इस दौरान अजगैवीनाथ धाम से देवघर जाने वाले कांवड़ियों और अन्य वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता रहा। यातायात विभाग ने मेला शुरू होने से पहले संवेदनशील स्थानों पर क्रेन तैनात करने और अतिरिक्त पुलिस बल लगाने का दावा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट रही।
श्रावणी मेला के दौरान जाम की समस्या बढेगी
जाम खुलवाने के लिए कहीं भी त्वरित कार्रवाई नहीं दिखी। प्रमुख स्थानों पर यातायात नियंत्रित करने वाले पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आए। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ट्रैफिक व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो श्रावणी मेला के दौरान जाम की समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
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यातायात डीएसपी प्रभात रंजन ने बताया सुबह छह बजे बांका और तेलिया तालाब के समीप दो ट्रक का गुल्ला टूट गया था। जिस 11 बजे तक हटा लिया गया है। स्थिति सामान्य है। धीरे धीरे वाहन आगे निकल रहीं हैं
तेलिया तालाब के पास सिंगल लेन भी बड़ी वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेलिया तालाब के समीप सड़क सिंगल होने के कारण हर साल जाम की समस्या विकराल रूप ले लेती है। इसके बावजूद प्रशासन ने इस संवेदनशील प्वाइंट पर कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की। परिणामस्वरूप श्रावणी मेला के पहले ही सप्ताह में श्रद्धालुओं को घंटों जाम का दंश झेलना पड़ा।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अभी से ट्रैफिक व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो कांवरियों की संख्या बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन के दावों की पोल मेला शुरू होते ही खुल गई है।