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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ayodhya Ram Mandir: भटनी में पुलिस बल ने ट्रेन से उतार दिया, किसी तरह बचते-बचाते पहुंचे थे अयोध्या

    Updated: Thu, 11 Jan 2024 12:33 PM (IST)

    कारसेवा के दौरान गुबंद से फिसलकर गिरने के बाद सातपुरा निवासी नंदकिशोर गुप्ता उर्फ नागो घायल हो गए थे। उसके बाद भी जोश कम नहीं हुआ। उन दिनों को याद करत ...और पढ़ें

    Ayodhya Ram Mandir: भटनी में पुलिस बल ने ट्रेन से उतार दिया, किसी तरह बचते-बचाते पहुंचे थे अयोध्या
    Ayodhya Ram Mandir: भटनी में पुलिस बल ने ट्रेन से उतार दिया, किसी तरह बचते-बचाते पहुंचे थे अयोध्या

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। कारसेवा के दौरान गुबंद से फिसलकर गिरने के बाद सातपुरा निवासी नंदकिशोर गुप्ता उर्फ नागो घायल हो गए थे। उसके बाद भी जोश कम नहीं हुआ। उन दिनों को याद करते हुए नंदकिशोर गुप्ता कहते हैं कि छह दिसंबरर 1992 का नजारा गजब का था।

    राम दरबार में लगाए गए नारे अब पूरे हो रहे हैं। परिवार के साथ दीवाली मनाएंगे। 22 जनवरी को हर घर दीवाली मने, इसके लिए अयोध्या से आए पूजित अक्षत का वितरण हर घर जाकर कर रहे हैं। कहा, चार दिसंबर 1992 को घर से निकले थे। पहले भटनी पहुंचे।

    वहां से पुलिस के जवान ने ट्रेन से नीचे उतार दिया। इसके बाद भटकते हुए मऊ पहुंचे। कहीं चार पहिया तो कहीं पैदल चलना पड़ा। पांच दिसम्बर को रात के आठ बजे अयोध्या पहुंचे। वहां शिविर में रहे। 12 कारसेवकों की टोली बनी। सुबह निकले और विवादित ढांचा तक पहुंचे।

    फिसलने से हुए चोटिल

    वहां कंधा से कंधा मिलाकर एक दूसरे के ऊपर चढ़कर गुंबद तक पहुंचे। ढांचा को ध्वस्त करने के दौरान नीचे फिसल गए। इसमें चोटिल हो गए। नीचे आने पर एक खंती हाथ आ गई। उसके बाद ढांचा के अंदर प्रवेश किया और ईंट तोड़ी। बाहर जय श्रीराम के नारे लगने लगे।

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    बाहर निकला तो पूरा ढांचा ही गिर गया। उसमें से भी ईंट का टुकड़ा छिटक कर पीठ पर लगा। उनका साथी राजकुमार भी साथ था। वह भी घायल हुआ था।

    आज भी बांह पर निशान है। ढांचा गिरा तो भगदड़ मच गई। भीड़ से बचकर निकले तो फैजाबाद अस्पताल में भर्ती हुए।

    पुलिस आई और पूछताछ करके चली गई

    वहां से डिस्चार्ज होने के बाद अपने शिविर में आए। चार-पांच आदमी मिले। वहां से धीरे-धीरे रेलवे स्टेशन आए। रामदयालु स्टेशन पर उतरे तो वहां पर प्रभात फेरी करने वाले मिले।

    उसके बाद वहां से घर आया। पुलिस आई, पूछताछ करके चली गई। पूरे परिवार में उत्साह है। 22 जनवरी के बाद वह सपरिवार अयोध्या जाएंगे।

    सकरा में गोबर से दीये बनातीं महिलाएं। (फोटो- जागरण)

    सकरा से अयोध्या भेजे जाएंगे 21 हजार दीये

    सकरा प्रखंड की बिशुनपुर बघनगरी में गोबर से तैयार 21 हजार दीये और धूप आगामी 22 जनवरी को श्रीरामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्टा में अयोध्या भेजे जाएंगे। पिछले पांच दिनों से विष्णुपुर बघनगरी पंचायत में गोबर दीप और धूप का निर्माण कराया जा रहा है।

    पंचायत की मुखिया बबिता कुमारी के नेतृत्व में बनाए जा रहे गोबर के पांच-पांच दीये प्रखंड की सभी पंचायतों में भेजे जाएंगे। वहीं 21 हजार दीये व धूप को 21 जनवरी को अयोध्या भेजा जाएगा।

    इस कार्य में बिशुनपुर बघनगरी पंचायत की 20 से अधिक महिलाएं जुटी हुई हैं। मुखिया बबिता कुमारी ने बताया कि गाय के गोबर से 21 हजार दीयों को बनाया जा रहा है। इन महिलाओं ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है।

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