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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बिहार के इस अस्पताल चल रहा खून का काला धंधा, दो यूनिट ब्लड के लिए वसूले 11 हजार; शिकायत के बाद मचा हड़कंप

    By Jagran News Edited By: Mukul Kumar
    Updated: Sun, 04 Feb 2024 03:11 PM (IST)

    Bihar Crime News दो यूनिट ब्लड के लिए 11 हजार रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। एसकेएमसीएच में ब्लड देने के नाम पर काला धंधा चल रहा है। यहां पर आने ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. मरीज की शिकायत के बाद मचा हडकंप, प्राचार्य ने मांगी रिपोर्ट
    2. मरीज को खून के बदले राशि देनी पड़ रही है

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच में ब्लड देने के नाम पर काला धंधा चल रहा है। यहां पर आने वाले मरीज को खून के बदले राशि देनी पड़ रही है। शिकायत के बाद प्राचार्य सह अधीक्षक डा.आभा रानी ने जांच टीम का गठन किया है।

    इसके साथ तत्काल वहां कर्मी का तबदला करते हुए फ्रंटलाइन वर्कर को काली सूची में डाल दिया गया है। खून बेचने के मामले में दो कर्मियों के नाम सामने आए हैं। प्राचार्य ने बताया कि यह शर्मनाक है।

    यह है मामला

    दरभंगा के सिंहवाड़ा के पंकज कुमार की पत्नी रूपा कुमारी को प्रसव के लिए एसकेएमसीएच में 23 जनवरी को भर्ती किया गया। चिकित्सक ने उसे दो यूनिट ब्लड उपलब्ध कराने की सलाह दी। मरीज के मामा संजय कुमार राम ने आरोप लगाया कि वह इसके लिए वहां पर तैनात फ्रंटलाइन कर्मी रेणु कुमारी से संपर्क किया।

    उसने ब्लड बैंककर्मी सुनील कुमार रजक से बात कराई। दो यूनिट के बदले स्कैनर पर 11 हजार देने को कहा। मरीज के स्वजन ने 11 हजार की राशि दी। उसका स्क्रीन शाट लेकर रख लिया। पंकज ने बताया कि 25 जनवरी के सुबह करीब चार बजे मरीज को दो यूनिट ब्लड मिला।

    शिकायत सामने आने के बाद जांच टीम बनी

    इसके बदले फ्रंटलाइन कर्मी रेणु ने ब्लड बैंक कर्मी सुनील कुमार रजक के स्कैनर पर रुपये भिजवाए। संजय ने इस संबंध में एसकेएमसीएच अधीक्षक के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, प्रमंडलीय आयुक्त गोपाल मीणा से भी लिखित शिकायत की।

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    प्राचार्य ने बताया कि मामला गंभीर है। शिकायत सामने आने के बाद जांच टीम बनी। प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आई है। इसके आधार पर ब्लड बैंक के टेकनीशियन सुनील कुमार को हटा दिया गया है। फ्रंड लाइन वर्कर को काली सूची में डालते हुए तत्काल हटा दिया गया है।

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