बिहार में 30 जुलाई से शहरी निकाय कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, वेतन और नियमितीकरण की मांग तेज
बिहार के शहरी निकायकर्मी 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे, जिसमें नियमितीकरण और वेतन वृद्धि प्रमुख मांगें हैं। इस हड़ताल में सभी नगर निगमों, ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
शहरी निकायकर्मी 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मुख्य मांगें।
यह आंदोलन कर्मचारियों के सम्मान और न्यायपूर्ण अधिकारों का संघर्ष है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बिहार लोकल बॉडज इम्प्लाइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले राज्यभर के शहरी निकायकर्मी 30 जुलाई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
शनिवार को दुर्गा स्थान मंदिर रोड स्थित एक विवाह भवन में तिरहुत प्रमंडल के सभी नगर निकाय कर्मियों की बैठक में इसकी घोषणा की गई। अनिश्चितकालीन हड़ताल में राज्य के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों व नगर पंचायतों में कार्यरत स्थायी, दैनिक वेतनभोगी एवं संविदा कर्मी शामिल होंगे।
संयुक्त मोर्चा सरकार से नगर निकाय स्तर पर संविदा कर्मियों व निगम स्तर से बहाल अतिरिक्त कर्मियों की सेवा स्थायी करने, आउटसोर्स पर बहाल कर्मियों को नगर निकाय का नियमित कर्मी घोषित करने व स्थायी कर्मियों को एसीपी, एमएसीपी एवं अंतर वेतन का लाभ देने की मांग की है।
मोर्चा अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह, बिहार लोकल बाडिज इम्प्लाइज फेडरेशन अध्यक्ष शिव बचन शर्मा, महामंत्री अशोक कुमार सिंह, महासचिव चंद्रशेखर कुमार, एक्टू के मोख्तार अहमद, राजा राम, शशिकांत मिश्र, अशोक राय, मंगल पासवान, जितेंद्र कुमार व सत्येन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि राज्य के नगर निकायों में कार्यरत करीब 80 प्रतिशत कर्मचारी दलित, महादलित व समाज के वंचित वर्गों से आते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार उनकी सेवाओं को स्थायी कर रही है न उन्हें उनके कार्य के अनुरूप उचित वेतन एवं सेवा सुविधा दे रही। यह आंदोलन केवल वेतनवृद्धि या सेवा स्थायीकरण का नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा व न्यायपूर्ण अधिकारों की रक्षा का संघर्ष है।