बिहार में बिजली कटने के क्या हैं नियम? Smart Meter का बैलेंस माइनस में हो तो क्या करें
Bihar Electricity Rules: बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नियमों को लेकर उपभोक्ताओं के मन में कई सवाल होते हैं। ...और पढ़ें

विभाग ने बैलेंस कटौती, ग्रेस पीरियड और बिजली कटने को लेकर स्पष्ट नियम तय किए हैं। फाइल फोटो

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डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। Bihar Smart Meter Rules: बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था लागू हुए करीब छह वर्ष पूरे होने को हैं। इसकी शुरुआती कवायद साल 2018-19 में प्रायोग के तौर पर हुई थी। नीतीश कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर वर्ष 2020 से इसे पूरे बिहार में चरणबद्ध और अनिवार्य रूप से लागू किया गया था।
खैर, क्या आपके मन में स्मार्ट मीटर के रिचार्ज और बैलेंस से जुड़े सवाल हैं? अक्सर बिजली उपभोक्ताओं को यह आशंका रहती है कि बैलेंस खत्म होते ही क्या रात में भी बिजली गुल हो जाएगी?
बिहार में ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए बैलेंस कटौती, ग्रेस पीरियड और बिजली कटने को लेकर स्पष्ट नियम तय किए हैं। आइए नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (https://nbpdcl.co.in) की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के बारे में जानते हैं।
सवाल: स्मार्ट मीटर में बैलेंस कटने के क्या नियम हैं?
NBPDCL की वेबसाइट पर इस संबंध में जानकारी उपलब्ध है। इसमें स्मार्ट मीटर में बैलेंस कटने का नियम काफी सरल और स्पष्ट है। 24 घंटे में जितनी बिजली का उपयोग हुआ उसके साथ फिक्स चार्ज और सरकारी सब्सिडी का समायोजन करके बैलेंस काटा जाता है। यह डाटा रोज रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच सर्वर से सिंक होकर मोबाइल एप पर अपडेट होता है। खाते में राशि कम होने पर उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर अलर्ट भेजा जाता है।

सवाल: बैलेंस माइनस में जाने के कितने समय बाद बिजली कटती है?
खाते का बैलेंस शून्य या माइनस में जाते ही तत्काल बिजली आपूर्ति बंद नहीं की जाती है। विद्युत विभाग उपभोक्ताओं को रिचार्ज करने के लिए सामान्यतः 72 घंटे यानी तीन दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाता है।
तय सीमा यानि सिक्योरिटी मनी (घरेलू और कॉमर्शियल के लिए 1500 रुपये प्रति किलोवाट) से अधिक माइनस बैलेंस होने और निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर ही सिस्टम से बिजली कटती है।

सवाल: छुट्टी या रात के वक्त ऑटो-डिस्कनेक्शन के क्या नियम हैं?
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शाम ढलने के बाद से लेकर अगली सुबह 10 बजे तक ऑटो-डिस्कनेक्शन पर रोक रहती है। इसके अलावा रविवार और किसी भी सरकारी अवकाश के दिन माइनस बैलेंस होने पर भी बिजली नहीं काटी जाती। बिजली काटने की प्रक्रिया केवल सामान्य कार्य दिवसों में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे के बीच होती है।

सवाल: बिजली कटने पर उपभोक्ता उसे तुरंत कैसे चालू करवाएं?
बिजली कटने पर उपभोक्ता माइनस राशि से अधिक का तुरंत ऑनलाइन रिचार्ज करें ताकि कुल बैलेंस पॉजिटिव हो जाए। रिचार्ज पूरा होने के 15 मिनट से एक घंटे के भीतर मीटर का रिले स्विच अपने आप ऑन हो जाता है। यदि फिर भी बिजली बहाल न हो तो उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सवाल: क्या स्मार्ट मीटर में सामान्य मीटर की तुलना में बिजली तेजी से भागती है?
स्मार्ट मीटर पूरी तरह डिजिटल और उच्च संवेदनशीलता से युक्त उपकरण है। यह घर में स्टैंडबाय मोड में लगे टीवी, इन्वर्टर और चार्जर द्वारा ली जाने वाली सूक्ष्म ऊर्जा को भी सटीक दर्ज करता है। इसी कारण कुछ उपभोक्ताओं को सामान्य मीटर की तुलना में इसकी गति अधिक प्रतीत होती है।
सवाल: क्या स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने पर कोई विशेष छूट मिलती है?
राज्य सरकार और बिजली कंपनियां डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं को विशेष प्रोत्साहन देती हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से रिचार्ज करने पर तय नियमों के तहत बिजली शुल्क में 3 प्रतिशत की तत्काल छूट मिलती है। यह राशि उपभोक्ता के कुल बिलिंग चार्ज में सीधे समायोजित हो जाती है।

सवाल: स्वीकृत लोड से अधिक बिजली खपत करने पर क्या असर होता है?
घर में निर्धारित स्वीकृत क्षमता से अधिक उपकरण एक साथ चलाने पर स्मार्ट मीटर अतिरिक्त लोड को तुरंत सर्वर पर दर्ज कर लेता है। लगातार तय सीमा से अधिक भार का उपयोग करने पर नियमानुसार पेनल्टी शुल्क लगाया जा सकता है। इसके अलावा व्यवस्था के तहत उपभोक्ता का स्वीकृत लोड भी स्वतः बढ़ाया जा सकता है।

सवाल: क्या मोबाइल नेटवर्क चले जाने पर मीटर से बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है?
नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में भी घर की बिजली आपूर्ति पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता है। स्मार्ट मीटर में आंतरिक मेमोरी होती है। यह नेटवर्क न रहने पर भी बिजली खपत का ब्योरा सुरक्षित रखती है। जैसे ही नेटवर्क दोबारा बहाल होता है सारा डेटा स्वतः बिजली कंपनी के केंद्रीय सर्वर पर अपडेट हो जाता है।
