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    Raju Singh: हर्ष फायरिंग बनी बीजेपी नेता के दुख की वजह, पहले मंत्री पद छूटा और अब विधायकी होगी समाप्त

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 05:25 PM (IST)

    हर्ष फायरिंग मामले में साहेबगंज विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल की सजा सुनाई गई है, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो जाएगी। इस फैसले से बिह ...और पढ़ें

    विधायक राजू सिंह। फाइल फोटो

    विधायक राजू सिंह। फाइल फोटो

    HighLights

    1. हर्ष फायरिंग मामले में विधायक राजू सिंह को चार साल की सजा।

    2. सजा के बाद साहेबगंज विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त होगी।

    3. इस फैसले से मुजफ्फरपुर की साहेबगंज सीट पर उपचुनाव तय।

    प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। हर्ष फायरिंग में महिला की मौत के मामले में साहेबगंज विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल सजा के बाद उनकी सदस्यता अब समाप्त हो जाएगी। दिल्ली की राउज एवेन्यू एमपी, एमएलए कोर्ट के फैसले के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज होने की संभावना है।

    यह इसलिए कि राजू कुमार सिंह को वर्ष 2025 में राज्य का पर्यटन मंत्री बनाया गया था। पिछले साल चुनाव में भाजपा से फिर विधायक बनने के बाद उन्हें मंत्री बनाए जाने की संभावना थी। माना जा रहा है कि इस केस के कारण ही उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।

    डॉ. राजू कुमार सिंह पर दस आपराधिक मामले चल रहे हैं। विधानसभा चुनाव के हलफनामे में भी इसका जिक्र है। डॉ. राजू सिंह को सजा होने के बाद इस सीट पर फिर से चुनाव भी तय है।

    क्या है पूरा मामला?

    31 दिसंबर 2018 की रात विधायक डॉ. राजू कुमार सिंह के बसंत कुंज स्थित फार्महाउस पर न्यू ईयर पार्टी चल रही थी। पार्टी के दौरान ही हर्ष फायरिंग में आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता गंभीर रूप से घायल हुईं। तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने घटना के बाद राजू सिंह समेत अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया था।

    कई राजनीतिक दलों में रहे शामिल, पहली बार लोजपा से बने विधायक

    जिले के पश्चिमी इलाके की साहेबगंज विधानसभा सीट से डॉ. राजू कुमार सिंह पहली बार लोजपा से विधायक बने। फरवरी 2005 में हुए चुनाव में वह विजयी हुए थे। इसके बाद वह जदयू में शामिल हो गए। अक्टूबर 2005 में वह जदयू से इसी विधानसभा से फिर विधायक बने।

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    तीसरी बार वह 2010 में भी जदयू से ही विधायक बने। वर्ष 2015 में जदयू के एनडीए से अलग होने और यूपीए के साथ जाने से राजू सिंह की सीट छिन गई। साहेबगंज सीट राजद के कोटे में गई तो राजू सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया, मगर जीत नहीं मिली। राजद के राम विचार राय ने उन्हें पराजित किया।

    वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू फिर एनडीए का हिस्सा बना। इस बार राजू सिंह को वीआइपी से उम्मीदवारी मिली और वह चुनाव भी जीते। कुछ वर्ष बाद ही वीआइपी से भी उनका मोह भंग हो गया।

    वीआइपी सुप्रीमो मुकेश सहनी के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोल दिया। पार्टी के सभी चार विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इनमें राजू सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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