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    मुजफ्फरपुर में फंदे से लटका 1.5 करोड़ के कर्ज में डूबा स्वर्ण व्यवसायी, पुलिस के हाथ लगी ऑडियो क्लिप

    Updated: Thu, 21 May 2026 07:53 AM (IST)

    मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र में डेढ़ करोड़ रुपये के कर्ज में डूबे एक स्वर्ण व्यवसायी वीरेंद्र साह ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। कर्जदाताओं के ...और पढ़ें

    मुजफ्फरपुर में फंदे से लटका 1.5 करोड़ के कर्ज में डूबा स्वर्ण व्यवसायी, पुलिस के हाथ लगी ऑडियो क्लिप

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    संवाद सहयोगी, पारू (मुजफ्फरपुर)। पारू थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये कर्ज में डूबे एक स्वर्ण व्यवसायी ने मंगलवार की देर रात फंदे से लटक कर जान दे दी। उसका शव घर के पीछे जलेबी के पेड़ से प्लास्टिक की रस्सी के फंदे से लटका मिला।

    खबर मिलते ही आसपास के लोग स्तब्ध हो गए। सूचना पर पहुंची पारू थाना पुलिस ने छानबीन की। एफएसएल टीम के जांचोपरांत पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया। घटना से परिवार में कोहराम मचा है ।

    बताया जाता है कि फुलवरिया गांव निवासी वीरेंद्र साह (55 वर्ष) दो दशक से सोना-चांदी और कपड़े का व्यवसाय करते थे।

    मृतक के स्वजन के अनुसार, विभिन्न गांवों के लोगों से ब्याज पर पैसे लेकर वह व्यवसाय में लगाते आ रहे थे। धीरे-धीरे कर्ज करीब डेढ़ करोड़ तक पहुंच गया था। प्रति दिन कोई न कोई महाजन पैसे का तगादा करने के लिए दरवाजे पहुंच जाता। इस कारण वह महीनों से काफी तनाव में थे।

    दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि व्यवसायी स्वयं एक कमेटी चलाते थे। छह महीने पूर्व वह पारिवारिक विवाद के कारण घर से बनारस भाग गए थे। इससे कमेटी में पैसा लगाने वालों समेत अन्य महाजनों का उनके प्रति अविश्वास पैदा हो गया था। पैसे के लिए सभी लोग दबाव बना रहे थे। वह खासकर सरकारी शिक्षकों से कर्ज ले रखे थे।

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    ग्रामीणों ने बताया कि व्यवसायी के छोटे बेटे और बहू मुजफ्फरपुर रहते हैं। मंगलवार को एक पौत्री ने जन्म लिया था। इसी सिलसिले में व्यवसायी की पत्नी मुजफ्फरपुर गई थी। घर के दूसरे तल पर बड़ा बेटा सुमन अपनी पत्नी के साथ था। व्यवसायी नीचे कमरे में थे।

    छोटे पुत्र पवन ने बताया कि काफी कर्ज के कारण उसके पिता तनाव में रहा करते थे। इस बीच व्यवसायी का पुत्र को भेजा गया एक ऑडियो भी पुलिस के हाथ लगा है। इसमें व्यवसायी ने मरने के बाद शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने और बकायेदारों का मूलधन चुकाने का अनुरोध किया है, हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है।

    आत्महत्या का मामला है। आवेदन मिलने और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही और भी स्थति स्पष्ट हो पाएगी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि व्यवसायी बहुत लोगों से कर्ज ले रखा था। इससे वह काफी तनाव में था। - आशुतोष कुमार शुक्ला, थानाध्यक्ष, पारू

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