'दौड़े-दौड़े गए तो जल चुके थे', मुजफ्फरपुर अस्पताल हादसे ने ब्रेन सर्जरी और शुगर-BP मरीज हुए आग का शिकार
मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में लगी आग से कई मरीजों की जान चली गई। ब्रेन सर्जरी से उबर रहे और डायलिसिस पर भर्ती मरीज भी इस हादसे का शिकार हुए, जिससे ...और पढ़ें

अस्पताल के आईसीयू की तस्वीर. (जागरण फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में लगी आग ने कई मरीजों की जान ले ली। ब्रेन सर्जरी के बाद रिकवरी में चल रहे मरीज से लेकर डायलिसिस पर भर्ती शुगर-बीपी के मरीज तक इस हादसे की चपेट में आ गए। परिजनों की दौड़-धूप के बावजूद कई मरीजों को बचाया नहीं जा सका।
परिवार वालों की आंखों के सामने जल गया मरीज
विशंभरपुर, शिवहर के रहने वाले उदय कुमार (एलआईसी एजेंट) चार-पांच दिन से अस्पताल में भर्ती थे। ब्रेन सर्जरी के बाद उन्हें वार्ड में रखा गया था। पत्नी नीलू देवी, सास बच्ची देवी, बेटा सत्यम, बेटी आकांक्षा और साला नीतीश समेत पूरा परिवार अस्पताल में मौजूद था।
यह भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण आग, तस्वीरों में देखें हादसे की भयावहता और बचाव अभियान
जब आग लगने की शोर सुनकर दौड़े-दौड़े परिजन ऊपर पहुंचे तो उदय कुमार पहले ही आग की चपेट में जल चुके थे। परिवार वाले सदमे में हैं।
डायलिसिस पर थी गीता देवी, जान न बच सकी
कथैया थाना क्षेत्र के दिस्तौलिया गांव की गीता देवी पति ईश्वर ठाकुर के साथ अस्पताल में भर्ती थीं। शुगर और ब्लड प्रेशर से ग्रसित गीता देवी का डायलिसिस चल रहा था। उनके बेटे अनीश ठाकुर ने घटना की जानकारी दी।
अन्य मृतक
शशांक, पिता संजय चौधरी, रतनपुरा, औराई।
कृष्णनंदन सिंह (78 वर्ष), पिता जानकी सिंह, गोरिगमा डीह, मीनापुर। 22 मई से भर्ती थे। डॉ. संजीव के यूनिट में इलाज चल रहा था। फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत थी।
यह भी पढ़ें- '25 लोग मरे हैं...', मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल हादसे में प्रत्यक्षदर्शियों के दावों से मचा हड़कंप