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    मुजफ्फरपुर में अपर थानेदार का घूस लेते वीडियो वायरल, केस से बचाने के लिए मांगी थी 5000 रुपये की रिश्वत

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 02:03 PM (GMT+05:30)

    मुजफ्फरपुर के पीयर थाने के अपर थानेदार अभिनंदन कुमार का घूस लेते वीडियो वायरल हुआ है। एक व्यक्ति को केस से बचाने के लिए दलाल के माध्यम से 5000 रुपये ल ...और पढ़ें

    HighLights

    1. पीयर थाने के अपर थानेदार का घूस वीडियो वायरल।

    2. केस से बचाने के लिए 5000 रुपये की रिश्वत।

    3. एसएसपी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। पीयर थाना के अपर थानेदार अभिनंदन कुमार का कथित तौर पर घूस लेते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। इस मामले में एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार, नूनफारा गांव के एक मामले में सीताराम नाम के व्यक्ति को जेल भेजा गया था। इसी केस में मदद करने के नाम पर शत्रुघ्न राम से रिश्वत की मांग की गई थी।

    आरोप है कि 2019 बैच के सब इंस्पेक्टर अभिनंदन कुमार ने अपने दलाल राम कुमार राय के माध्यम से 5000 रुपये लिए।पीड़ित शत्रुघ्न राम ने बताया कि थाने का दलाल लगातार पैसों के लिए उसे प्रताड़ित कर रहा था।

    दबाव में आकर पीड़ित ने कर्ज लेकर पैसे जुटाए और भ्रष्टाचार को उजागर करने का फैसला किया। जब वह अधिकारी के आवास पर पैसे देने पहुंचा, तो उसके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने चुपके से पूरी घटना का वीडियो बना लिया।

    वीडियो में दिख रही करतूत

    वीडियो में दलाल के माध्यम से लेनदेन स्पष्ट दिख रहा है। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसे झूठे केस में फंसाया गया था। एसएसपी कांतेश मिश्रा ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जांच के आदेश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि पीयर थाना पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में रहा है। हाल ही में एक सरपंच की पिटाई के मामले में यहां के थानेदार को निलंबित किया जा चुका है।

    अपर थानेदार का घूस लेते वीडियो वायरल होने से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह थाना अब दलालों का अड्डा बन गया है, जहां बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं होता।

    एसएसपी ने जांच के दिए निर्देश 

    मामले में एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस की छवि खराब करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। SSP ने कहा कि वायरल वीडियो की पूरी सत्यता की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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    फिलहाल, एसएसपी ने ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर को निर्देशित किया है कि वे स्थानीय डीएसपी के साथ मिलकर खुद इस मामले की जांच करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपें।

    इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खाकी की आड़ में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, जिसे उखाड़ने के लिए वरीय अधिकारियों को और अधिक कड़े कदम उठाने होंगे।

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