अब बूढ़ी गंडक में गिरेगा मुजफ्फरपुर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी, BUDKO ने दी सहमति
मुजफ्फरपुर के मुशहरी स्थित एसटीपी से निकलने वाला पानी अब मनिका मन की बजाय बूढ़ी गंडक नदी में गिराया जाएगा। ग्रामीणों के विरोध के बाद यह फैसला लिया गया ...और पढ़ें
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गंडक नदी में मिलेगा सीवरेज का पानी। ग्राफिक्स एआई जनरेटेड

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बाबुल दीप, मुजफ्फरपुर। मुशहरी स्थित रोहुआ में बन रहे एसटीपी से निकलने वाला पानी अब मनिका मन की जगह बूढ़ी गंडक में गिराया जाएगा। इसके लिए एसटीपी से लेकर नदी तक अंडरग्राउंड पाइप लाइन का निर्माण किया जाएगा।
BUDKO की टीम ने स्थल निरीक्षण कर इसका नक्शा तैयार किया है। बुडको के परियोजना निदेशक ने इस पर सहमति दी है और अब इस प्रस्ताव को डीएम के पास स्वीकृति के लिए भेजा है।
बताया कि एसटीपी से उपचारित जल की निकासी की जाती है, तो किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। मुशहरी सीओ के स्तर से नक्शा तैयार किया गया था।
इससे पूर्व संयुक्त रूप से इसका स्थल निरीक्षण भी किया गया, यानी एसटीपी से लेकर निर्धारित मार्ग होते हुए बूढ़ी गंडक तक निर्धारित मार्ग का जायजा लिया गया था।
इसी आधार पर नक्शा तैयार कर कई स्तरों पर इसका अवलोकन करने के बाद बुडको ने स्वीकृति दी। अब डीएम के स्तर से स्वीकृति मिलने पर इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा। निर्माण कार्य में होने वाले खर्च का भी प्राक्कलन तैयार करने का कार्य किया जाएगा।
विदित हो कि रोहुआ में 22.5 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माणाधीन है। इसके बनने से शहर व आसपास के क्षेत्रों के घरेलू और गंदे पानी को सीधे नदी या तालाबों में बहने से रोका जा सकेगा। सीवेज को उपचारित (ट्रीट) करने के बाद ही छोड़ा जाएगा, जिससे जल प्रदूषण में भारी कमी आएगी।
ग्रामीणों ने किया था भारी विरोध
विदित हो कि मनिका मन में एसटीपी का पानी गिराने को लेकर ग्रामीणों ने भारी विरोध किया था। इसके बाद काम को रोकना पड़ा। कई बार बैठक हुई और समझौता करने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
ग्रामीणों का कहना था कि मन में अगर पानी गिरेगा तो आसपास की खेती प्रभावित होगी और किसान बर्बादी के कगार पर आ जाएंगे। इसके बाद बुडको ने परियोजना को बदलने का निर्णय लिया और अब बूढ़ी गंडक में पानी गिराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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मनिका मन की जैव विविधता की होगी सुरक्षा
एसटीपी के माध्यम से उपचारित जल को सीधे बूढ़ी गंडक में डालने से स्थानीय जल निकायों (मनिका मन) में सीवेज का प्रदूषण नहीं फैलेगा। इससे मनिका मन की पारिस्थितिकी व जैव विविधता की सुरक्षा करने में भी मदद मिलेगी।
साथ ही बूढ़ी गंडक के किनारे के कटाव को रोकने के लिए रिपेरियन बफर को मजबूत करने की भी योजना है। पाइप लाइन निर्माण के बाद अन्य योजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा।
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