नेपाल में मुस्लिम आरक्षण समाप्त करने और आयोग भंग करने के लिए आमरण अनशन, सुनसरी हिंसा से बिगड़ी स्थिति
नेपाल में मुस्लिम आरक्षण खत्म करने, मुस्लिम आयोग भंग करने और अवैध शरणार्थियों को निकालने की मांग को लेकर राष्ट्रीय एकता दल का आमरण अनशन आठवें दिन भी ज ...और पढ़ें
HighLights
राष्ट्रीय एकता दल का मुस्लिम आरक्षण के खिलाफ अनशन जारी।
सुनसरी हिंसा के बाद काठमांडू में विरोध प्रदर्शन।
मुस्लिम आयोग भंग करने, अवैध शरणार्थियों को निकालने की मांग।
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Nepal Protests News: पड़ोसी देश अभी Gen Z आंदोलन के प्रभाव से पूरी तरह निकल भी नहीं सका था कि पहले सांप्रदायिक हिंसा और अब मुस्लिम आरक्षण हटाने की मांग और अनशन को लेकर चर्चा में है।
नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। इस घटना के बाद काठमांडू के माइतीघर मंडला में राष्ट्रीय एकता दल ने आमरण अनशन शुरू किया है। यह आठवें दिन भी जारी है।
संगठन मुस्लिम आरक्षण समाप्त करने, मुस्लिम आयोग को भंग करने और अवैध शरणार्थियों को देश से निकालने की मांग कर रहा है। इतना ही नहीं, मांग नहीं माने जाने के बाद इसे पूरे देश में फैलाने का संकल्प भी दोहरा रहा है।
अनदेखी का आरोप
राष्ट्रीय एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय यादव ने अनदेखी का आरोप लगाया है। कहा कि सुनसरी हिंसा के बाद सरकार को कई बार ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन और ध्यानाकर्षण के बावजूद मांगों पर कार्रवाई न होने के कारण दल को 24 घंटे का अल्टीमेटम देना पड़ा।
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अल्टीमेटम की अवधि पूरी होने के बाद काठमांडू में विरोध-प्रदर्शन करते हुए अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।
शरणार्थियों को निष्कासित करें
अनशन स्थल पर पार्टी नेताओं और समर्थकों ने हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवारों के लिए न्याय, दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया।
इसके साथ ही जिहादियों के खिलाफ फांसी का कानून बनाने और रोहिंग्या व बांग्लादेशी शरणार्थियों को निष्कासित करने की मांग की। उनका मानना है कि इनलोगों की वजह से देश की शांति व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हो रही है।
मृतकों को शहीद का दर्जा
दल की प्रमुख मांगों में मृतकों को शहीद का दर्जा देना और प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये देना शामिल है। इसके अतिरिक्त पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी, घायलों का मुफ्त इलाज और स्मृति पार्क निर्माण की मांग की गई है।
संगठन का स्पष्ट कहना है कि नेपाल में मुस्लिम आरक्षण पूरी तरह समाप्त कर मुस्लिम आयोग को अविलंब भंग किया जाना चाहिए।
प्रभावी अमल हो
नेपाल सरकार ने राहत राशि, मुफ्त उपचार और घटना की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं राष्ट्रीय एकता दल का आरोप है कि सरकारी घोषणाओं पर अब तक कोई ठोस और प्रभावी अमल नहीं हुआ है।
दल ने चेतावनी दी है कि मांगें न मानने पर जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक करने और आंदोलन को पूरे नेपाल में फैलाने का काम किया जाएगा।
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