बिना हाथ लगाए खेत से कटेगी बंदगोभी, पूसा विश्वविद्यालय ने विकसित की Cabbage Cutter Machine
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के विज्ञानियों ने मुजफ्फरपुर में बंदगोभी काटने की बैटरी-चालित मशीन विकसित की है। पांच साल के शोध ...और पढ़ें

पूसा विश्वविद्यालय में विकसित की गई कैबेज कटर मशीन। फाइल फोटो

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अजय पांडेय, मुजफ्फरपुर। कृषि कार्यों के आधुनिकीकरण और यांत्रिकीकरण को बढ़ाने के उद्देश्य से डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के विज्ञानियों ने बंदगोभी को खेतों से काटने और स्टोर करने की मशीन (कैबेज कटर) बनाई है।
करीब पांच वर्षों के तकनीकी शोध, क्रमिक विकास और प्रत्यक्षण के बाद कृषि अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के विज्ञानियों ने प्रधान विज्ञानी डॉ. पीके प्रणव के नेतृत्व में विकसित किया है।
बैटरीयुक्त मोटर से चलने वाली मशीन को हल की तरह खेतों में घुमाया जाता है। साइकिल के दो पहियों पर तैयार यह यंत्र खेतों में जाने के लिए सरल और सहज है।
डॉ. प्रणव की मूल अवधारणा पर केंद्रित इस यंत्र पर वर्ष 2019 में काम शुरू किया गया था, जो 2023 में पूरा हुआ। इस वर्ष 13 से 15 मार्च को विश्वविद्यालय में आयोजित किसान मेले में प्रस्तुत किया गया था।
कन्वेयर बेल्ट के सहारे जुड़ा स्टोरेज सिस्टम
सीनियर टेक्नीशियन जमीलुर रहमान ने बताया कि मशीन का स्टोरेज सिस्टम मोटर के सहारे काम करता है। इसमें लगा कटर (ब्लेड) हैंड लीवर से जुड़ा होता है। मशीन को खेतों में घुमाने के दौरान बंदगोभी को काटकर पट्टे (कन्वेयर बेल्ट) के सहारे स्टोर किया जाता है।
लीवर को हाथ से खींचने पर कटर काम करता है, जबकि मोटर से जुड़े कन्वेयर बेल्ट को चलाने के लिए 12 वोल्ट की लीथियम आयन बैटरी लगाई गई है। 12 वोल्ट की बैटरी एक बार चार्ज करने पर पांच घंटे तक कटाई करने में सक्षम है। इससे प्रतिघंटा 207 से 221 बंदगोभी काटी जा सकती है।