'एक ही बेटा था, फिर भी सेना में भेजा...', वाइस एडमिरल आलोक आनंद बने भारतीय नौसेना अकादमी के 13वें कमांडेंट
वाइस एडमिरल आलोक आनंद ने भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के 13वें कमांडेंट का कार्यभार संभाला। ...और पढ़ें

पदभार ग्रहण करते वाइस एडमिरल आलोक आनंद। (सौ. नौसेना)
HighLights
वाइस एडमिरल आलोक आनंद ने आईएनए कमांडेंट का पद संभाला।
मुजफ्फरपुर में हुई उनकी प्रारंभिक शिक्षा।
ऑपरेशन राहत के लिए युद्ध सेवा पदक से सम्मानित।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जिले के भगवानपुर स्थित आईजी कॉलोनी निवासी वाइस एडमिरल आलोक आनंद ने भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), एझिमाला के 13वें कमांडेंट के रूप में शनिवार को कार्यभार ग्रहण किया।
केरल के कन्नूर जिले में स्थित आईएनए में कैडेटों को प्रारंभिक अधिकारी प्रशिक्षण दिया जाता है। वाइस एडमिरल आलोक आनंद ने प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर में प्राप्त की थी।
इसके बाद भारतीय नौसेना अकादमी में प्रवेश लिया था। 36 वर्षों के अपने सेवाकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। भारत के अत्याधुनिक युद्धपोतों की कमान संभाली।
वर्ष 2015 में आपरेशन राहत के सफल नेतृत्व के लिए उन्हें युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। भारतीय नौसेना अकादमी के कमांडेंट का पदभार ग्रहण करने से पूर्व वे पूर्वी बेड़ा के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्यरत थे।
मूलरूप से समस्तीपुर के बथुआ निवासी वाइस एडमिरल आलोक आनंद के पिता राम स्वरूप शर्मा पशुपालन विभाग में कार्यरत थे। मां आशा शर्मा गृहिणी हैं। पिता का वर्ष 2016 में निधन हो गया।
आईएनए की कमान संभालने के बाद मां आशा शर्मा ने खुशी जताते हुए कहा आलोक बचपन से मेधावी रहा। प्रारंभिक स्कूल में उसकी मेधा से शिक्षक ही परेशान हो जाते थे। इसलिए कई स्कूल बदले।
ज्ञान लोक के बाद विद्या बिहार स्कूल में उसकी पढ़ाई हुई। इसके बाद एलएस कॉलेज में अध्ययन किया। इसके बाद एनडीए से वह नौसैना में शामिल हुआ।
लोगों ने कहा था, एक ही बेटा है सेना की जगह इंजीनियर बनाइए
आईजी कॉलोनी स्थित मकान में रहने वाली वाइस एडमिरल आलोक आनंद की मां आशा शर्मा की आज खुशी का ठिकाना नहीं है। फोन पर लगातार शुभकामनाएं आ रही हैं। आशा शर्मा भावुक भी हैं। कहती हैं, एक बेटा और एक बेटी है। बेटी जमशेदपुर में रहती है।

वाइस एडमिरल आलोक आनंद की मां आशा शर्मा। (जागरण)
आलोक ने पहली ही बार में एनडीए की परीक्षा पास कर ली। पढ़ने में काफी तेज होने के कारण लोगों ने कहा था कि सेना की जगह इंजीनियर बनाते। एक ही बेटा है। वह यही कहतीं, देश सेवा का बेटा ने संकल्प लिया है तो भगवान पर विश्वास कर उसे भेज रही हूं। आज इस पद पर पहुंच कर मुजफ्फरपुर के साथ बिहार को गौरवान्वित किया।
जिलावासियों में हर्ष
नौसेना में वाइस एडमिरल आलोक आनंद के बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद जिलावासियों में हर्ष है। पताही निवासी चंद्रप्रकाश उनके साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि आज बहुत खुशी का दिन है। वहीं, उनके करीबी संजीव कुमार, जदयू नेता सुबोध कुमार सिंह ने भी इस जिम्मेदारी पर बधाई दी।