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    LoC पर माइन ब्लास्ट में कटा पैर, पर नहीं टूटा हौसला; फौजी सोमन राणा ने शॉट पुट में भारत को दिलाया गोल्ड

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 06:08 PM (IST)

    भारत को पैरा एथलेटिक्स में दोहरी सफलता मिली है। सोमन राणा ने मेंस F57 शॉट पुट फाइनल में 13.40 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। ...और पढ़ें

    सोमन राणा

    सोमन राणा

    HighLights

    1. राणा ने मेंस F57 शॉट पुट फाइनल में 13.40 मीटर थ्रो किया

    2. सोमन F57 में स्‍वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने

    3. भारत के शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल पर कब्‍जा जमाया

    स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का 10वां दिन भारत के लिए मेडल से भरा है। गोल्‍ड से दिन की शुरुआत हुई और अब तक भारत के खाते में तीन स्‍वर्ण पदक आ चुके हैं। भारत को पहले 2 गोल्ड बॉक्सिंग में और तीसरा पैरा एथलेटिक्स में शॉटपुट में मिला।

    भारत को पैरा एथलेटिक्स में दोहरी सफलता मिली है। सोमन राणा ने मेंस F57 शॉट पुट फाइनल में 13.40 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल पर कब्‍जा जमाया। कैमरून के सेड्रिक इड्रिस लेकेजो अजमदजी को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।

    राणा ने गोला फेंक इवेंट में अपने दूसरे प्रयास में 13.40 मीटर थ्रो कर पहला स्‍थान हासिल किया। उन्‍होंने पहले प्रयास में 13.38 मीटर थ्रो किया था। वहीं जुयाल ने अपने छठे और आखिरी प्रयास में 13.28 मीटर थ्रो किया। सोमन F57 में स्‍वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत ने F57 वर्ग में एक साथ दो मेडल जीते।

     

     

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: एक स्पर्धा में 2 मेडल

    • विमंस शॉट पुट F57 (शर्मिला ढाका: गोल्ड, शिल्पा शैला: ब्रॉन्ज)
    • मेंस 100 मीटर T47 दौड़ (दिलीप गावित: गोल्ड, मोहम्मद बासिल: सिल्वर)
    • मेंस भाला फेंक (नीरज चोपड़ा: सिल्वर, यशवीर सिंह: ब्रॉन्ज)
    • मेंस ट्रिपल जंप (प्रवीण चित्रावेल: सिल्वर, सेल्वा प्रभु: ब्रॉन्ज)

    गया के रहने वाले हैं

    हवलदार सोमण राणा भारतीय सेना के पैरा-एथलीट हैं। उनका जन्म 16 जनवरी 1983 को हुआ था। वे मूल रूप से गया के रहने वाले हैं। सोमण राणा एक साधारण परिवार से आते हैं। उनका परिवार बिहार में खेती-बाड़ी करता है। उनके पिता बहादुर राणा किसान हैं और मां माया देवी राणा गृहिणी हैं। साल 2001 में वे गोरखा राइफल्स में सिपाही के तौर पर सेना में शामिल हुए। खेल में गहरी रुचि होने के कारण, वे जल्द ही अपनी यूनिट की बॉक्सिंग टीम का हिस्सा बन गए।

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    1 दिसंबर 2006 को जब राणा J&K में लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात थे और 2/8 गोरखा राइफल्स में सेवा दे रहे थे, तो एक माइन ब्लास्ट में घायल हो गए, जिसके कारण उन्हें घुटने के नीचे से अपना पैर गंवाना पड़ा। बाद में उन्हें पुणे के आर्टिफिशियल लिम्ब सेंटर भेज दिया गया, जहाa उन्होंने अपना रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) शुरू किया।

    आमतौर पर पैर गंवाने से किसी का भी खेल करियर खत्म हो जाता है, लेकिन सोमण ने खुद को प्रेरित रखा। रिहैबिलिटेशन के दौरान वे पैरा-स्पोर्ट्स की ओर आकर्षित हुए और 2017 में आर्मी पैरालंपिक नोड से जुड़ गए। नोड से जुड़ने के बाद से सोमण राणा ने जबरदस्त सुधार दिखाया है। सोमण राणा ने टोक्यो पैरालंपिक्स 2020 और पैरालंपिक्स 2024 में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

    उपलब्धियां

    • चौथा स्थान: टोक्यो पैरालंपिक गेम्स 2020।
    • पांचवां स्थान: पेरिस पैरालंपिक गेम्स 2024।
    • सिल्वर मेडल: एशियन पैरा गेम्स 2022 (2023 में आयोजित)।
    • ब्रॉन्ज मेडल: वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025।
    • छठा स्थान: वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024।
    • चौथा स्थान: वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024।
    • सिल्वर मेडल: इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स 2025।
    • गोल्ड मेडल: इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स 2023।
    • गोल्ड मेडल: खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025।
    • ब्रॉन्ज मेडल: नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026।
    • गोल्ड मेडल: राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024।

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