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    निशांत के स्वास्थ्य मंत्री बनते ही एक्टिव हुए JDU कार्यकर्ता, बिहार के एकंगरसराय अस्पताल की बदहाली पर हंगामा

    Updated: Fri, 08 May 2026 04:10 PM (GMT+05:30)

    स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के पदभार संभालने के बाद जदयू कार्यकर्ताओं ने एकंगरसराय अस्पताल की बदहाली पर सिविल सर्जन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

    एंगलसराय स्वास्थ्य केन्द्र

    एंगलसराय स्वास्थ्य केन्द्र

    HighLights

    1. जदयू कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की बदहाली पर विरोध जताया।

    2. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के तबादले की मांग की गई।

    3. सिविल सर्जन ने आरोपों की जांच का आश्वासन दिया।

    संवाद सूत्र, एकंगरसराय(नालंदा)। Nishant Kumar को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद जदयू कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सक्रिय दिखने लगे हैं। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एकंगरसराय पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश के सामने कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा उठाया।

    प्रखंड जदयू अध्यक्ष सह कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष Sarvesh Prasad के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की कार्यशैली से पूरा सिस्टम प्रभावित हो गया है।

    प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के तबादले की मांग

    जदयू कार्यकर्ताओं ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. स्नेह लता वर्मा के तबादले की मांग उठाई। उनका आरोप था कि अस्पताल में मरीजों को न तो सही इलाज मिल रहा है और न ही जरूरी सुविधाएं।

    कार्यकर्ताओं का कहना था कि अस्पताल की हालत खुद “बीमार” जैसी हो चुकी है। स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार गिरावट आने से आम मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    डॉक्टरों और कर्मियों में दो गुट बनने का आरोप

    जदयू नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच दो गुट बन गए हैं। समन्वय की कमी का सीधा असर मरीजों की इलाज व्यवस्था पर पड़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि ड्यूटी रोस्टर बनाने में भी मनमानी की जा रही है। कुछ डॉक्टरों को कम ड्यूटी दी जाती है, जबकि कुछ पर जरूरत से ज्यादा काम का दबाव डाला जाता है।

    विधायक के निरीक्षण में भी मिली थीं खामियां

    इससे पहले स्थानीय विधायक Ruhel Ranjan ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आई थीं।

    बताया गया कि उस समय प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अस्पताल में मौजूद नहीं थीं। विधायक ने मामले की जांच कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    सिविल सर्जन बोले- जांच कर होगी कार्रवाई

    मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश अस्पताल पहुंचे और व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के बीच समन्वय बहाल करा दिया गया है।

    साथ ही पारदर्शी तरीके से रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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