तिरुपति की तर्ज पर सजेगा राजगीर पुरुषोत्तम मास मेला, पहली बार जिग-जैग बैरिकेडिंग और हाईटेक सिक्योरिटी
पुरुषोत्तम मास मेले के लिए बिहारशरीफ में जिला प्रशासन ने शिरडी-तिरुपति की तर्ज पर हाईटेक तैयारी की है। पहली बार जिग-जैग बैरिकेडिंग, रेड कॉरिडोर और दिव ...और पढ़ें

राजगीर पुरुषोत्तम मास मेले में होगी जिग-जैग बैरिकेडिंग और हाईटेक सिक्योरिटी (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। 17 मई से शुरू होने वाले पुरुषोत्तम मास मेले को लेकर जिला प्रशासन ने इस बार अभूतपूर्व और हाईटेक तैयारी की है। शिरडी, तिरुपति बालाजी और उज्जैन की तर्ज पर पहली बार मेले में जिग-जैग बैरिकेडिंग, रेड कॉरिडोर, बफर जोन, होल्डिंग जोन और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हील चेयर जैसी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
डीएम कुंदन कुमार (DM Kundan Kumar) ने बताया कि इस बार मेले की तैयारी राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप की गई है। आम और शाही स्नान के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि सांप की तरह टेढ़ी-मेढ़ी यह बैरिकेडिंग श्रद्धालुओं की गति को नियंत्रित करेगी, जिससे एक साथ भारी भीड़ कुंड तक नहीं पहुंच सकेगी और भगदड़ जैसी स्थिति से बचाव होगा।
संतों के लिए अलग मार्ग, श्रद्धालुओं के लिए नियंत्रित प्रवेश
अखाड़ों के संतों और साधुओं के लिए अलग और चौड़े रास्ते आरक्षित किए गए हैं, ताकि वे बिना बाधा के कुंड तक पहुंच सकें। बिहारशरीफ-गया मुख्य मार्ग और विरायतन की ओर से श्रद्धालुओं के आने-जाने की व्यवस्था की गई है। पूरे मेला क्षेत्र को रेड कॉरिडोर, बफर जोन और होल्डिंग जोन में विभाजित किया गया है।
आपात स्थिति के लिए रहेगा रेड कॉरिडोर
डीएम ने बताया कि रेड कॉरिडोर केवल एम्बुलेंस, दमकल, पुलिस और क्यूआरटी (त्वरित प्रतिक्रिया दल) जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए आरक्षित रहेगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव दल बिना बाधा सीधे घटनास्थल तक पहुंच सकेंगे। आम श्रद्धालुओं और निजी वाहनों का प्रवेश इस कॉरिडोर में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
क्यूआरटी और आपदा मित्र रहेंगे मुस्तैद
मेले में हर परिस्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी और आपदा मित्र टीम की तैनाती की गई है। डीएम ने बताया कि क्यूआरटी का मुख्य उद्देश्य किसी भी घटना की सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करना होगा।
बकौल डीएम, रेस्क्यू जोन में चिकित्सा शिविर, फर्स्ट-एड सेंटर और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी, ताकि घायल या बीमार श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी टीम भी तैनात रहेगी।
बफर और होल्डिंग जोन में विशेष सुविधा
मुख्य स्नान घाटों से पहले बफर जोन बनाया गया है, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा। वहीं होल्डिंग जोन में पंडाल और जर्मन हैंगर लगाए गए हैं। यहां पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और उद्घोषणा प्रणाली उपलब्ध रहेगी। घाटों पर अधिक भीड़ होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को कुछ समय के लिए यहीं रोका जाएगा।
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श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन और डिजिटल डिस्प्ले
श्रद्धालुओं को लाइन में इंतजार के दौरान बोरियत महसूस न हो, इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र में बड़ी एलईडी स्क्रीन और डिजिटल डिस्प्ले लगाए जा रहे हैं। इन पर लाइव आरती, स्नान के शुभ मुहूर्त और आपातकालीन सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी।
दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए पहली बार व्हील चेयर
डीएम ने बताया कि दिव्यांग श्रद्धालुओं को कुंड स्थल तक पहुंचाने के लिए पहली बार व्हील चेयर की व्यवस्था की गई है। साथ ही गर्मी और उमस से राहत देने के लिए कुंड परिसर में बड़े-बड़े एग्जॉस्ट फैन लगाए गए हैं।
मोबाइल नेटवर्क रहेगा सुचारु
मेले के दौरान मोबाइल नेटवर्क बाधित न हो, इसके लिए प्रशासन ने “कम्युनिकेशन ऑन व्हील” की व्यवस्था की है। इससे लाखों श्रद्धालुओं को नेटवर्क संबंधी परेशानी नहीं होगी और आपात स्थिति में संपर्क व्यवस्था बनी रहेगी।
सड़क किनारे नहीं लगेंगे काउंटर
डीएम ने स्पष्ट कहा कि इस बार थिएटर और सर्कस संचालकों को सड़क किनारे किसी भी प्रकार का काउंटर लगाने की अनुमति नहीं होगी। सभी निर्माण सड़क से कम से कम 50 फीट अंदर किए जाएंगे, ताकि यातायात बाधित न हो।
नशे में दिखे तो होगी सख्त कार्रवाई
मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त रहेगा। जगह-जगह ब्रेथ एनालाइजर मशीन के साथ अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। डीएम ने कहा कि नशे की हालत में पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में चिकित्सा शिविर, फर्स्ट-एड सेंटर, एम्बुलेंस और मेडिकल टीम 24 घंटे तैनात रहेगी। गर्मी को देखते हुए ओआरएस, शुद्ध गंगाजल और प्राथमिक उपचार की विशेष व्यवस्था की गई है।
ऑक्सीजन स्तर पर भी रहेगी नजर
डीएम कुंदन कुमार ने बताया कि ब्रह्मकुंड परिसर में पोर्टेबल ऑक्सीजन डिटेक्टर मशीन लगाई जाएगी, जो लगातार हवा में ऑक्सीजन की मात्रा की निगरानी करेगी। ऑक्सीजन का स्तर मानक से कम या अधिक होने पर मशीन तुरंत अलार्म देगी, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर सकेगा।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
डीएम ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि लोग आस्था की डुबकी जरूर लगाएं, लेकिन प्रशासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, स्वास्थ्य और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए सभी श्रद्धालु प्रशासन का सहयोग करें।