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    राजगीर में आस्था का महाकुंभ आज: पूर्णिमा पर निकलेगी संतों की शाही सवारी, 3 लाख श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी 

    Updated: Sun, 31 May 2026 06:32 AM (IST)

    राजगीर में पुरुषोत्तमी मास मेले के दूसरे शाही स्नान के लिए आज आस्था का महासंगम उमड़ेगा, जिसमें तीन लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र कुंडों में डुबकी लगाएं ...और पढ़ें

    राजगीर मलमास मेला। फाइल फोटो

    राजगीर मलमास मेला। फाइल फोटो

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    संवाद सहयोगी, राजगीर। पुरुषोत्तमी मास मेले के दूसरे शाही स्नान को लेकर रविवार को राजगीर आस्था, अध्यात्म और सनातन परंपराओं के विराट उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। साधु-संतों, महंतों और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की मौजूदगी में राजगीर की पावन धरती पर आस्था का अभूतपूर्व महासंगम उमड़ेगा।

    प्रशासनिक अनुमान के अनुसार, इस अवसर पर तीन लाख से अधिक श्रद्धालु विभिन्न पवित्र कुंडों और तीर्थस्थलों में पुण्य की डुबकी लगाएंगे। शाही स्नान का सबसे बड़ा आकर्षण विभिन्न अखाड़ों, संगतों और मठ-मंदिरों से निकलने वाली संतों की भव्य शाही सवारी होगी।

    ध्वज-पताकाओं, पारंपरिक वेशभूषा, धार्मिक प्रतीकों और भक्ति गीतों के बीच निकलने वाली यह शोभायात्रा श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति का केंद्र बनेगी।

    श्रद्धालुओं के लिए सभी इंतजाम

    राजगीर के अनुमंडल पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि सभी संगतों एवं अखाड़ों के शाही स्नान की समय-सारिणी निर्धारित कर दी गई है।

    भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है।

    प्रशासन ने बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा शिविर, पेयजल सुविधा तथा सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप दे दिया है। दूसरे शाही स्नान को लेकर शनिवार देर रात से ही मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा था।

    अनुराधा नक्षत्र का अद्भुत संयोग

    पंडित राकेश झा ने बताया कि पुरुषोत्तम पूर्णिमा पर आज अनुराधा नक्षत्र का अद्भुत संयोग बना रहेगा। पूर्णिमा के दिन पूजा पाठ, दान-पुण्य करने से धन संपत्ति और वैभव में बढ़ोत्तरी होती है।

    चंद्रमा से जुड़ी वस्तु, वस्त्र, शक्कर, चावल, दही, चांदी और फूल आदि दान करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

    पूजन मुहूर्त

    • पूर्णिमा तिथि: दोपहर 01:10 बजे तक
    • चर-लाभ-अमृत मुहूर्त: सुबह 06:42 से 11:47 बजे तक
    • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:20 से 12:14 बजे तक
    • शुभ योग मुहूर्त: 01:29 से शाम 03:11 बजे तक

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