बिहार के इस जिले में पराली जलाने पर रोक, किसानों को दी गई चेतावनी; उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
नवादा जिला अग्निशमन विभाग ने अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत वारिसलीगंज और सदर प्रखंड में गोष्ठी आयोजित की। इसमें किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकस ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, नवादा। जिला अग्निशमन विभाग की ओर चलाए जा रहे अग्निशमन सेवा सप्ताह के पांचवें दिन शनिवार को अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी नवादा की देखरेख में अग्नि सुरक्षा को लेकर वारिसलीगंज के मंजौर और नवादा सदर प्रखंड के समाय पंचायत भवन में गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस दौरान पंचायत के जनप्रतिनिधि समेत ग्रामीण शामिल हुए। अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों मेंं आगलगी का सबसे बड़ा कारण किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाना है।
किसान अपनी सुविधा के अनुसार पराली में आग लगा देते हैं, जिससे आसपास के खेतों में लगे फसल में आग लगने की घटना हो रही है। ऐसा करना गलत है। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है, सूक्ष्म पोषक तत्वों का ह्रास होता है। पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सरकार की ओर से पराली जलाने वाले किसान का निबंधन भी रद करने का प्राविधान है।

(नवादा में कार्यक्रम में उपस्थित अग्निशमन कर्मी, जनप्रतिनिधि व आमजन)
इसके साथ ही अन्य कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए किसान खेतों में पराली नहीं जलाएं, और कानूनी कार्रवाई से बचेंं। इस दौरान विभागीय कर्मियों द्वारा माकड्रिल कर आग से बचाव की जानकारी दी गई।
लोगों को बताया गया कि आगलगी होने पर टोल नंबर- 101 और 112 पर तुरंत सूचना दें। सूचना मिलने पर अग्निशमन कर्मी घटना स्थल पर पहुंचकर आग बुझाने में सहयोग करेंगे। इस दौरान लोगों के बीच अग्नि सुरक्षा से संबंधित पंपलेट का भी वितरण किया गया।
मौके पर सब ऑफिसर राहुल राज, जय प्रकाश राय, दैनिक प्रभारी मुकेश कुमार, धीरेन्द्र कुमार. चंदन कुमार, अग्निक मेहरे आलम, समीर राज, रोशन राज, सुनील कुमार दास, अमर कुमार अमीत कुमार, सतीश कुमार, नीतू कुमारी, संतोष कुमार, सोनू कुमार समेत अन्य कर्मी मौजूद थे।