सुर्खी-पत्थरों से बना पटना का यह 288 साल पुराना शिव मंदिर, जलाभिषेक करने वालों की हर मनोकामना होती है पूरी
पटना के नेहरू टोला में स्थित 288 साल पुराना शिव मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। सावन में यहां दूर-दराज से श्रद्धालु अपन ...और पढ़ें

पटना का 288 साल पुराना शिव मंदिर
HighLights
पटना में 288 साल पुराना प्राचीन शिव मंदिर स्थित।
1739 में स्थापित, पत्थर-सुर्खी से निर्मित, आस्था का केंद्र।
संतान और नौकरी हेतु मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना साहिब स्टेशन से लगभग 100 गज की दूरी पर बाहरी बेगमपुर स्थित नेहरू टोला मोहल्ला में 288 वर्ष पुराना शिवालय स्थापित है। पत्थर व सुर्खी से निर्मित प्राचीन शिव मंदिर की बनावट काफी आकर्षक है। यहां दो व चार पहिया वाहन से पहुंचने का रास्ता है। सावन में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है।
मंदिर का इतिहास
पुजारी डॉ. विनोद अवस्थी ने बताया कि वर्ष 1739 में पत्थर व सुर्खी से मंदिर निर्माण कर शिवलिंग स्थापित किया गया। स्थापना के पुजारियों में स्वर्गीय रामवतार हलुवाई, स्व. रामकिशुन यादव व स्व. लक्ष्मी नारायण अवस्थी ने मंदिर में पूजा-पाठ कर भक्तों के सहयोग से मंदिर परिसर का विकास कराया।

लगभग 33 वर्ष पहले मोहल्लावासी तथा आसपास के लोगों ने मंदिर का जीर्णोद्वार कराया। शिवलिंग के नीचे से वर्ष 1739 का चांदी का सिक्का भी निकला था। नए रूप में मंदिर में मकराना का संगमरमर लगाया गया।
मंदिर की विशेषता
स्थापना काल से ही मंदिर लोगों की आस्था व विश्वास से जुड़ गया। मोहल्ले के लोगों ने मिल-जुलकर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, रामायण पाठ, अष्टयाम तथा प्रवचन के लिए भव्य बड़े हाल का निर्माण कराया। बाद में मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन भी बना। भवन में शादी व अन्य शुभ कार्य होते हैं। परिसर में नेहरू टोला विद्यालय भी चलता है। यहां सुबह-शाम आरती होती है।
मान्यता है कि वैसे दंपत्ति जिन्हें संतान नहीं होता है वे शिवरात्रि का व्रत रखकर अभिषेक करते हैं तो साल भर के अंदर संतान हो जाता है। वहीं युवा नौकरी मिलने पर शृंगार कराते हैं। - डॉ. विनोद अवस्थी, पुजारी
सावन व महाशिवरात्रि पर पूजा व जलाभिषेक करनेवाले भक्तों पर शिव सदैव कृपालु रहते हैं। ऐतिहासिक व पौराणिक मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक है। यहां मनोकामना शीघ्र पूरी होती है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मोहल्लेवासी सदैव तत्पर रहते हैं। - संजय कुमार चतुर्वेदी, भक्त
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