पटना की कचौड़ी गली का खुरचन विदेशों में भी फेमस, नेता से लेकर अभिनेता तक सब हैं स्वाद के दीवाने
पटना सिटी की कचौड़ी गली की 155 साल पुरानी प्रसिद्ध मिठाई खुरचन देश-विदेश में लोकप्रिय है। खौलते दूध की मलाई से जटिल प्रक्रिया द्वारा तैयार यह मिठाई ₹1 ...और पढ़ें
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पटना का फेमस खुरचन। फोटो जागरण

समय कम है?
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अनिल कुमार, पटना सिटी। ऐतिहासिक व पौराणिक शहर पटना सिटी के चौक थाना क्षेत्र स्थित कचौड़ी गली से गुजरते हुए एक सोंधी सी खुशबू देश-विदेश के पर्यटकों व स्थानीय लोगों को आगे बढ़ने से रोकती है।
ये सोंधी खुशबू है, पटना सिटी की प्रसिद्ध मिठाई खुरचन की। खौलते दूध से मलाई की परत खरोंच-खरोंच कर तैयार होनेवाली यह मिठाई 155 वर्षों से लोगों के दिलों पर राज कर रही है।
लगभग 155 वर्ष पहले परदादा ने खुरचन बनाने का शुरु किया था काम
कचौड़ी गली मोड़ से सटे स्थित दुकानदार महादेव गुप्ता बताते हैं कि परदादा स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद गुप्ता ने लगभग 155 वर्ष पहले खुरचन बनाने का काम प्रारंभ किया था। वे कचौड़ी गली के मोड़ पर एक चौकी बिछाकर खुरचन, रबड़ी व दही बेचते थे।
बाद में गली के धनाढ्य स्वर्गीय रघुनंदन प्रसाद चौरसिया से दादाजी ने मोड़ पर जमीन खरीदकर दुकान बनाई। उसके बाद पिता स्वर्गीय प्रभात प्रसाद गुप्ता ने भी खुरचन की गुणवत्ता को जारी रखा। समय के साथ खुरचन के दीवाने भी बढ़ते गए।
1400 रुपये किलो बिकता है खुरचन
कारखाना में निर्माण में जुटे सूरज गुप्ता बताते हैं कि खुरचन बनाना एक जटिल कला है। एक किलो दूध को पांच लोहे की कड़ाही में डालकर कम कोयले की आंच पर एकदम गाढ़ा होने तक चूल्हे पर चढ़ाकर खौलाया जाता है।
उसके बाद दूध को लगभग 15 मिनट तक ठंडा होने पर जमी परत को सींक से उतारकर थाली में रखा जाता है। उसके बाद बेहतर स्वाद के लिए दूध की पतली परतों के बीच चीनी व छोटी इलाइची का चूर्ण बनाकर ऊपर से छींटा जाता है।
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इसके अलावा उसमें केसर, पिस्ता, बादाम व काजू का भी चूर्ण परत-दर-परत में डाला जाता है। दुकानदार के अनुसार सतरह किलो दूध में एक किलो खुरचन का निर्माण होता है। एक ट्रे यानि डेढ़ किलो खुरचन बनाने में दो घंटे से अधिक लगते हैं।
दुकानदार बताते हैं कि गर्मी के दिनों में दो दिन तथा जाड़ा के दिनों में चार दिन तक खुरचन सुरक्षित रहता है। दुकानदार महादेव बताते हैं कि 90 के दशक में पिताजी 120 रुपये किलो खुरचन बेचते थे।
दूध व अन्य सामग्री की बढ़ती कीमत के कारण वर्तमान में एक किलो खुरचन की कीमत 1400 रुपये प्रति किलो है। प्रतिदिन लगभग पांच से छह किलो खुरचन का निर्माण हो पाता है।
प्रतिदिन दोपहर 12 बजे तक खुरचन का पहला ट्रे बनकर तैयार होता है और शाम ढलते समाप्त हो जाता है। एक पीस लगभग पचास ग्राम का रहता है।
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राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व बालीवुड भी है खुरचन के कद्रदान
दुकानदार महादेव लाल बताते हैं कि तख्त श्री हरिमंदिर में दर्शन करने आए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद व विधायक समेत अन्य विशिष्ट भी खुरचन का स्वाद ले चुके हैं।
पटना आनेवाली बालीवुड हस्तियों में शत्रुध्न सिन्हा, सोनाक्षी सिन्हा, शेखर सुमन, राजेश खन्ना, मधुर भंडारकर, आघ्यात्मिक गुरु रविशंकर समेत अन्य विशिष्ट भी खुरचन का स्वाद ले चुके हैं।
350 वें प्रकाश पर्व के दौरान व उसके बाद भी देश-विदेश से आए सैलानियों ने खुरचन खाए और पैक कराकर साथ ले गए। दुकानदार बताते हैं कि अब भी विदेशों से मिठाई के आर्डर आते हैं।
दुकानदार बताते हैं कि ऑर्डर पर कोरियर से खुरचन भेजा जाता है। उनके दुकान में खुरचन के अलावा विभिन्न तरह की मिठाईयां, पनीर, दही भी बिकता है।
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