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    बिहार के 8700 छात्र-शिक्षक AI ट्रेनिंग के लिए जाएंगे गुजरात, सरस्वती विद्या निकेतन बनेंगे मॉडल स्कूल

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 09:54 PM (IST)

    शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की, जिसके तहत 8700 विद्यार्थी और शिक्षक एआई प्रशिक्षण के लिए गांधीनगर जाएंगे। ...और पढ़ें

    मिथिलेश तिवारी। फाइल फोटो

    मिथिलेश तिवारी। फाइल फोटो

    HighLights

    1. 8700 विद्यार्थी-शिक्षक एआई प्रशिक्षण हेतु गांधीनगर जाएंगे।

    2. शिक्षा मंत्री ने विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

    3. अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई, तीसरे पक्ष से जांच के निर्देश।

    राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को विभाग की विभिन्न योजनाओं का हाल लिया। इस क्रम में उन्होंने कहा कि एआई प्रशिक्षण को ले 8700 विद्यार्थी और शिक्षक गांधीनगर जाएंगे।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए ताकि विद्यार्थियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।

    सोमवार को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने पीएमश्री और समग्र शिक्षा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

    अधिकारियों ने बताया कि सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों में रंगरोगन, बिजली, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित कार्य 20 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।

    समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत चयनित 8,700 विद्यार्थी एवं शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से गुजरात के गांधीनगर स्थित भेजा जाएगा।

    छात्रों के कौशल का होगा विकास

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई तकनीकों से विद्यार्थियों को जोड़ना समय की आवश्यकता है और इससे उनके कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी। इस दौरान सिमुलतला आवासीय विद्यालय के कायाकल्प के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि तीन अगस्त के बाद सिमुलतला सोसाइटी बोर्ड की बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विद्यालय में सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी को प्राचार्य नियुक्त करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित निर्धारित लक्ष्य लगभग प्राप्त कर लिया गया है। पीएमश्री योजना के अंतर्गत आईसीटी लैब की स्थापना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

    स्कूलों में स्मार्ट क्लास के लिए आवश्यक सामग्री की आपूर्ति भी कर दी गई है। वहीं पीसीबी लैब की स्थापना के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है और जल्द ही कार्य प्रारंभ होगा।

    शिक्षा मंत्री ने शिक्षण सामग्री की आपूर्ति से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन एजेंसियों एवं आपूर्तिकर्ताओं के साथ विभाग का करार हुआ है, उनके साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की जाए तथा प्रभावी चेक एंड बैलेंस प्रणाली विकसित की जाए।

    जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने राज्य परियोजना निदेशक को तीसरे पक्ष से जांच का भी निर्देश दिया।

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