दलित और अति पिछड़ा परिवारों को लघु उद्यमी योजना से जोड़ने की मांग, बिहार विधानसभा में विपक्ष का प्रदर्शन
बिहार विधानसभा परिसर में विपक्ष ने सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया। राजद ने 94 लाख दलित और अति पिछड़ा परिवारों को राज्य सरकार की लघु उद ...और पढ़ें
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बिहार विधानसभा के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन। फाइल फोटो
HighLights
राजद ने 94 लाख दलित-अति पिछड़ा परिवारों हेतु लघु उद्यमी योजना मांगी।
एआइएमआइएम ने मीट-मछली कारोबारियों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
विपक्ष ने सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा परिसर में शुक्रवार को सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। राजद नेताओं ने 94 लाख दलित और अति पिछड़ा परिवारों को राज्य सरकार की लघु उद्यमी योजना से जोड़ने की मांग उठाई।
राजद के अलावा एआइएमआइएम विधायकों ने मीट और मछली कारोबारियों के समर्थन में प्रदर्शन किया। राजद विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और कहा कि जब तक वंचित तबकों को स्वरोजगार से जोड़ने की ठोस पहल नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
नेताओं का आरोप था कि सरकार योजनाओं की घोषणा तो करती है, लेकिन जमीन पर उसका लाभ जरूरतमंद परिवारों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
राजद नेताओं ने कहा कि दलित और अति पिछड़ा समाज आर्थिक रूप से सबसे कमजोर वर्ग है। यदि इन्हें लघु उद्यमी योजना से जोड़ा जाए तो स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होंने सरकार से स्पष्ट समय सीमा तय कर लक्ष्य आधारित अभियान चलाने की मांग की।
दूसरी ओर आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के विधायकों ने मीट और मछली कारोबारियों के समर्थन में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार नई नियमावली के जरिए छोटे कारोबारियों को परेशान कर रही है।
हाल ही में राज्य सरकार ने मीट और मछली कारोबार के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है और खुले स्थानों पर बिक्री को लेकर सख्ती बढ़ाई है।
AIMIM विधायकों का कहना था कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए सख्ती करना छोटे व्यापारियों की आजीविका पर चोट है। उन्होंने मांग की कि सरकार संवाद के जरिए व्यावहारिक समाधान निकाले।
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