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    बिहार कैबिनेट में 27 प्रस्तावों पर मुहर: जमीन सर्वे नियमों में बदलाव, स्वास्थ्य; प्रशासन और रोजगार सुधार पर जोर

    Updated: Wed, 27 May 2026 06:31 PM (IST)

    Bihar Cabinet Approves 27 Key Proposals बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में 27 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी, जिसमें राज्य के विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और ...और पढ़ें

    सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री बिहार

    सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री बिहार

    HighLights

    1. विधायकों, कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

    2. नई भूमि क्रय नीति 2026 को मंजूरी दी गई।

    3. मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर होगी।

    राज्य ब्यूरो, पटना। Samrat Choudhary की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, स्वास्थ्य और भूमि सर्वेक्षण से जुड़े 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

    बैठक में विशेष रूप से बिहार में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने, सरकारी कर्मियों को स्वास्थ्य सुविधा देने तथा छोटे अस्पतालों के लिए नई नियमावली लागू करने जैसे बड़े फैसले लिए गए।

    बिहार में जमीन सर्वे नियमों में होगा बड़ा बदलाव

    राज्य सरकार ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त नियमावली 2012 में संशोधन का फैसला लिया है।

    इसके तहत बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त (संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई है।

    सरकार का उद्देश्य राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्ती कार्य को अधिक पारदर्शी, सटीक और तेज बनाना है। इसके तहत रैयती और अन्य प्रकार की जमीनों का नया खतियान और भू-नक्शा तैयार किया जाएगा।

    नए नियमों से तेजी से बनेगा खतियान और नक्शा

    मंत्रिमंडल के अनुसार सर्वेक्षण कार्य के दौरान कई ऐसे प्रावधान सामने आए, जिनमें बदलाव की जरूरत महसूस की गई।

    अब कुछ पुराने नियमों में संशोधन होगा, नए प्रावधान जोड़े जाएंगे और अनावश्यक नियम हटाए जाएंगे।

    इसके अलावा भू-सर्वेक्षण से जुड़े नए शब्दों की स्पष्ट परिभाषा तय की जाएगी, ताकि सर्वेक्षण कार्य में भ्रम की स्थिति खत्म हो सके।

    सरकार का मानना है कि इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जमीन रिकॉर्ड को अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।

    विधायकों और सरकारी कर्मियों को कैशलेस इलाज

    कैबिनेट ने बिहार विधान मंडल के वर्तमान एवं पूर्व सदस्यों, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, सरकारी कर्मियों, पेंशनधारियों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत दी है।

    अब बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत अंतर्वासी चिकित्सा के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।

    इससे अस्पताल में भर्ती होने पर मरीजों को तत्काल भुगतान की परेशानी नहीं होगी।

    मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर शिक्षकों की कमी होगी दूर

    कैबिनेट ने सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर और बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती, नियुक्ति एवं प्रोन्नति (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी।

    सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक शिक्षकों की कमी दूर होगी और मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इससे पठन-पाठन व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।

    छोटे अस्पतालों के लिए नई नियमावली लागू

    सरकार ने “बिहार लघु एवं मध्यम स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठान (स्थापना एवं पंजीकरण) विनियमावली 2026” को भी मंजूरी दी है।

    यह नियम 1 से 40 बेड वाले अस्पतालों, क्लीनिक, डिस्पेंसरी और जांच केंद्रों पर लागू होगा।

    अब तक केवल 40 से अधिक बेड वाले अस्पतालों के लिए नियम लागू थे। नई व्यवस्था में राज्य और जिला स्तर पर पंजीकरण प्राधिकार गठित किए जाएंगे और नियम उल्लंघन पर दंड का भी प्रावधान रहेगा।

    सड़क, सिंचाई और स्वास्थ्य परियोजनाओं को मंजूरी

    मंत्रिमंडल ने पांच स्टेट हाईवे परियोजनाओं के लिए 3744 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

    वहीं पश्चिमी कोसी सिंचाई योजना के आधुनिकीकरण के लिए 606 करोड़ रुपये और झंझारपुर शाखा नहर के पुनर्स्थापना के लिए 218 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

    इसके अलावा निबंधन एवं परामर्श केंद्रों के रखरखाव के लिए 65 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

    पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वतंत्र स्पाइन सब-स्पेशलिटी यूनिट की स्थापना के लिए 39 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली है।

    3744 करोड़ से बनेंगे स्टेट हाईवे

    • पांच स्टेट हाइवे के लिये 3744 करोड़ स्वीकृत।
    • कनीय सचिवालय सहायक के 25 प्रतिशत पड़ कार्यालय परिचारी के लिए आरक्षित किए गए।
    • पश्चिमी कोसी सिंचाई योजनाओं के पुनर्स्थापना एवं आधुनिकीकरण के लिए 606 करोड रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत। इसके तहत 36 किलोमीटर का आधुनिकीकरण एवं पुनर्स्थापना होगा।
    • झंझारपुर शाखा नहर के पुनर्स्थापना एवं आधुनिकीकरण के लिए 218 करोड रुपए स्वीकृत।
    • निबंधन एवं परामर्श केदो के रखरखाव के लिए मंत्रिमंडल ने 65 करोड रुपए किए स्वीकृत।
    • पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वतंत्र स्पाइन सब स्पेशलिटी यूनिट की स्थापना होगी इसके लिए मंत्रिमंडल ने कुल 39 पदों के सृजन का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।

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