बिहार में अब 4 लाख रुपये कमाने वालों का भी होगा फ्री इलाज, बिहार केबिनेट की बैठक में 13 प्रस्ताव मंजूर
बिहार कैबिनेट ने 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसमें मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत मुफ्त इलाज के लिए वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 4 लाख र ...और पढ़ें
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो

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राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार केबिनेट की मीटिंग में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमेंबिहार सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत दी है।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित वार्षिक आय सीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। पहले इस योजना का लाभ केवल उन मरीजों को मिलता था, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का दायरा बढ़ाए जाने से बड़ी संख्या में ऐसे मरीज दायरे में आएंगे, जो गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता पाने से अब तक वंचित रह जाते थे।
बढ़ी हुई आय सीमा के कारण अधिक जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए अनुदान उपलब्ध हो सकेगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों पर उपचार का आर्थिक बोझ कम होगा तथा उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
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CDPO के 25 प्रतिशत पदों पर BPSC के जरिये नियुक्ति
मंत्रिमंडल ने बिहार बाल विकास सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी है। इसके तहत बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के उन 25 पदों को सीधी नियुक्ति से भरने का रास्ता साफ हो गया है, जिन्हें पहले नियमित महिला पर्यवेक्षिकाओं की प्रोन्नति से भरा जाता था, परंतु पर्याप्त संख्या में नियमित महिला पर्यवेक्षिकाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण ये पद लंबे समय से रिक्त थे।
सरकार का कहना है कि रिक्तियों के कारण आइसीडीएस की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी पर असर पड़ रहा था। अब इन पदों पर नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से होगी।
दोगुना रोजगार-दोगुनी आय लक्ष्य को गति देने के लिए 19 नए पद सृजित
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तहत बिहार कौशल विकास मिशन को और मजबूत बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने 19 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इन पदों के संचालन पर प्रतिवर्ष 2.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यह निर्णय सात निश्चय -3 (2025-30) के तहत दोगुना रोजगार और दोगुनी आय के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे कौशल विकास कार्यक्रमों का बेहतर संचालन होगा।
साथ ही युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण मिल सकेगा और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवक-युवतियों तक रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
मधुबनी में 83.25 करोड़ रुपये से बनेगा 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता का अनाज साइलो
मेसर्स लीप एग्री लाजिस्टिक (मधुबनी) प्राइवेट लिमिटेड को राजनगर रेलवे स्टेशन के निकट परिहारपुर में 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के अनाज भंडारण साइलो निर्माण की स्वीकृति दी है।
परियोजना में 83.25 करोड़ रुपये का निजी निवेश होगा। इकाई स्थापित होने से राज्य में आधुनिक भंडारण सुविधा विकसित होगी तथा 109 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
भोजपुर में बनेगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क, मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
मंत्रिमंडल ने भोजपुर जिले के बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क स्थापित करने की मंजूरी दी है। यह परियोजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 31.21 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी।
पार्क के निर्माण से मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ेगी, आधुनिक मत्स्य अवसंरचना विकसित होगी तथा मत्स्य प्रसंस्करण, व्यापार और वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और मछुआरों व मत्स्य कृषकों की आय में वृद्धि होगी।