बिहार केबिनेट के फैसले: उद्यमियों को सब्सिडी, कैमूर मिल्क प्लांट और बक्सर में 483 करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर
बिहार मंत्रिमंडल ने आईटी सेवाओं के विस्तार, दरभंगा एम्स के समतलीकरण और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण प्र ...और पढ़ें

सम्राट चौधरी मीटिंग करते हुए। फाइल फोटो

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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) सेवाओं के विस्तार और डिजिटल शासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बढ़ती IT जरूरतों, हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर की उपलब्धता और ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए विभाग जिला और क्षेत्रीय स्तर पर अपने कार्यालय स्थापित करेगा।
इसके लिए बिहार सूचना प्रौद्योगिकी सेवा नियमावली के तहत जिला ई-गवर्नेंस पदाधिकारी समेत अन्य पदों की तैनाती की जाएगी। इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, परियोजनाओं की निगरानी और सरकारी नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।
साथ ही आम लोगों को डिजिटल सेवाओं से जुड़ने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान में भी मदद मिलेगी बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 13 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
दरभंगा एम्स में निकट की नदियों के गाद से होगा समतलीकरण
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने दरभंगा एम्स के लिए चयनित भूखंड का समतलीकरण निकट की नदियों की उड़ाही से प्राप्त गाद करने का निर्णय लिया है।
इसके लिए 185 करोड़ की योजना पर कैबिनेट ने मुहर लगायी। खिरोई, बागमती समेत कई छोटी नदियों के गाद का उपयोग एम्स की जमीन को समतल बनाने के लिए किया जाएगा। राज्य सरकार ने पहले इसके लिए 309 करोड़ की योजना मंजूर की थी। जिसके तहत अब 185 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
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30 सितंबर 2028 तक बढ़ी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना
वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के विस्तार करते हुए मंत्रिमंडल ने 30 सितंबर 2028 तक इसके क्रियान्वयन के लिए 164.51 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
योजना का उद्देश्य राज्य में उत्पादित कृषि एवं खाद्य उत्पादों का मूल्य संवर्द्धन तथा आधुनिक तकनीक आधारित सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को बढ़ावा देना है।
इसके तहत व्यक्तिगत उद्यमियों को उद्योग स्थापना के लिए 35 प्रतिशत की दर से अधिकतम 10 लाख रुपये तक पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा, जबकि समूहों को भी 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा। उद्यमियों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण एवं व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा।
नबीनगर में नया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित होगा
मंत्रिमंडल ने भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड और राज्य सरकार के बीच हुए एकरारनामा के तहत औरंगाबाद के नबीनगर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी है।
वर्ष 2026-27 से यहां पांच व्यवसायों में प्रशिक्षण शुरू होगा। इसके लिए 38 पदों का सृजन किया गया है। कंपनी द्वारा निर्मित परिसर और सुविधाएं राज्य सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएंगी।
कैमूर में सात एकड़ जमीन पर बनेगा डेरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र
बिहार सरकार ने कैमूर जिले के मोहनियां अंचल स्थित दादर मौजा की सात एकड़ अर्जित अधिशेष भूमि को डेरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को निःशुल्क स्थायी अंतर्विभागीय हस्तांतरण की स्वीकृति दी है। भूमि पर डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जिससे दुग्ध उत्पादन और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
बक्सर में वरूण बेवरेजेज की 483 करोड़ की परियोजना को मंजूरी, 400 लोगों को मिलेगा रोजगार
बैठक में बक्सर के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में मेसर्स वरूण बेवरेजेज लिमिटेड की पेय पदार्थ निर्माण इकाई को वित्तीय प्रोत्साहन की स्वीकृति दी गई।
लगभग 483.51 करोड़ रुपये के निजी निवेश से कार्बोनेटेड साफ्ट ड्रिंक, जूस आधारित पेय, पैकेज्ड पेयजल, बेवरेज सिरप तथा तीन मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन इकाई स्थापित होगी। परियोजना से राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और 400 कुशल एवं अकुशल लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
स्तरीय शिकायत निवारण फोरम को मंजूरी
बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में द्वि-स्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम गठित करने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल ने स्वीकृत किया है।
इसके लिए मुख्य अभियंता के दो तथा विद्युत अधीक्षण अभियंता के दो नए पद सृजित किए जाएंगे। इससे उपभोक्ता सेवाओं में सुधार और शिकायतों के प्रभावी निपटारे में मदद मिलेगी।
चिकित्सकों को उच्च शिक्षा के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया की मंजूर
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार स्वास्थ्य सेवा (सामान्य एवं विशेषज्ञ) तथा दंत चिकित्सक सेवा संवर्ग के चिकित्सकों को उच्च शिक्षा और अन्य निर्धारित प्रयोजनों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने संबंधी दिशा-निर्देश स्वीकृत किए हैं। यह सुविधा निर्धारित शर्तों और नियमों के अधीन प्रदान की जाएगी।