बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: अब ग्राम पंचायत भी वसूलेगी टैक्स, बाइक और ऑटो खरीदना पड़ेगा महंगा
बिहार कैबिनेट ने ग्राम पंचायतों को कर लगाने का अधिकार दिया और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, दोपहिया-तिपहिया वाहनों पर ...और पढ़ें
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो
HighLights
ग्राम पंचायतों को कर लगाने की शक्तियां मिलीं।
पंचायत चुनाव से पहले होगा क्षेत्रों का परिसीमन।
दो-तीन पहिया वाहनों पर रोड टैक्स बढ़ा।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-27 के तहत पहली बार ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026 स्वीकृत की गई है।
इसके लागू होने के बाद पंचायतों को विभिन्न प्रकार के कर और शुल्क लगाने की स्पष्ट शक्तियां मिल जाएंगी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों के परिसीमन का प्रस्ताव भी स्वीकृत कर दिया है। आगामी पंचायत चुनाव परिसीमन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही हो पाएंगे।
अधीनियम में प्रविधान के बाद भी नहीं बनी थी नियमावली
प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इन प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में कुल 25 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-27 के तहत पहली बार ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026 स्वीकृत की गई है।
अब तक अधिनियम में प्रविधान होने के बावजूद न तो नियमावली बनी थी और न ही पंचायतों को कर लगाने का अधिकार व्यवहार में सौंपा गया था।
पंचायतें अधिकतम दर के भीतर ले सकेंगी टैक्स
नई व्यवस्था के तहत पंचायतें निर्धारित अधिकतम दर के भीतर टैक्स और शुल्क की वसूली कर सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे पंचायतों की स्वयं की आय (ओएसआर) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार पर उनकी निर्भरता कम होगी।
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पंचायतें ये कर और शुल्क ले सकेंगी
- होल्डिंग (मकान/भवन) पर कर
- पंचायत क्षेत्र में पेशा, व्यापार एवं उद्योग पर शुल्क
- पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बदले सेवा शुल्क
- नियमावली में निर्धारित अन्य स्थानीय शुल्क
पंचायत चुनाव के पहले होगा परिसीमन, बदलेगा पंचायतों का स्वरूप
मंत्रिमंडल ने वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों के परिसीमन करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। इसका सबसे बड़ा असर पंचायतों की सीमाओं और प्रतिनिधित्व पर पड़ेगा।
कई गांव नई पंचायतों में शामिल हो सकते हैं, जबकि कुछ पंचायतों का क्षेत्रफल और आबादी बदल सकती है। इसके साथ ही वार्डों की संख्या और पंचायतों का स्वरूप भी बदलने की संभावना है। परिसीमन का उद्देश्य बढ़ी हुई आबादी के अनुरूप संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है, ताकि हर क्षेत्र को समान भागीदारी मिल सके।
भौगोलिक और सामाजिक एकरूपता को ध्यान में रखते हुए पंचायतों का पुनर्गठन होने से प्रशासनिक कामकाज अधिक सुगम होगा और योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो सकेगा। नई सीमाओं के कारण भविष्य के पंचायत चुनाव नए क्षेत्रों के अनुसार कराए जाएंगे।
कई जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन क्षेत्र बदल सकते हैं और नए नेतृत्व को अवसर मिल सकता है। इससे विकास योजनाओं का लाभ सभी क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचेगा, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और स्थानीय स्वशासन अधिक मजबूत बनेगा। सरकार के फैसले से प्रशासनिक दक्षता, क्षेत्रीय संतुलन और ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
दो-तीन पहिया वाहनों पर एक से चार प्रतिशत बढ़ा रोड टैक्स
मंत्रिमंडल ने दो पहिया, तीन पहिया के साथ ही व्यवसायिक वाहनों के रोड टैक्स में एक से चार प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी है। इसके लिए बिहार मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 के तहत मोटर वाहन कर में संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधन के बाद दोपहिया वाहनों के एकमुश्त मोटर वाहन कर में एक प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना होगा।
तिपहिया वाहनों पर एक हजार रुपये अतिरिक्त कर लगेगा। वहीं व्यवसायिक वाहनों के व्यापार कर में चार गुना बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से कर दरों में व्यापक संशोधन नहीं हुआ था, इसलिए नई दरें लागू की जा रही हैं।
राजगीर तथा रोहतास-कैमूर क्षेत्र में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के लिए समझौता
मंत्रिमंडल ने राजगीर तथा रोहतास-कैमूर क्षेत्र में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण की दिशा में भी अहम फैसला लिया गया। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और बिहार सरकार के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई है।
इसके तहत दोनों प्रस्तावित हवाई अड्डों की पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन प्रक्रिया शुरू होगी। अध्ययन के दौरान तकनीकी और भौगोलिक जानकारियों का समयबद्ध आदान-प्रदान किया जाएगा।
150 सरकारी विद्यालयों में लाइव क्लासेज
'बिहार स्कूल लाइव क्लासेज' के विस्तार के माध्यम से 16 जुलाई 2026 से पटना के 150 सरकारी विद्यालयों में लाइव क्लासेज की शुरुआत होगी। कक्षा 9–12 के विद्यार्थियों को लाइव क्लास, AI आधारित अध्ययन सहायता, स्मार्ट डिजिटल कंटेंट, नोट्स, मॉक टेस्ट और JEE, NEET, CUET की तैयारी की सुविधा मिलेगी।
जुलाई के अंत तक यह सुविधा पटना के सभी 422 उच्च विद्यालयों तक पहुंच जाएगी। साथ ही पटना के 10 मॉडल विद्यालयों में JEE-NEET की निःशुल्क कोचिंग शुरू होगी, जिसका विस्तार 146 मॉडल विद्यालयों तक किया जाएगा।
साथ ही शास्त्रीनगर स्थित बालिका हॉकी प्रशिक्षण केंद्र को आधुनिक खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी तथा एस्ट्रो टर्फ निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जाएगी।
जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए फंड को मंजूरी
बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में केंद्र प्रायोजित अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत खगड़िया जलापूर्ति परियोजना हेतु ₹170.86 करोड़, सीतामढ़ी जलापूर्ति परियोजना हेतु ₹197.13 करोड़ और समस्तीपुर जलापूर्ति परियोजना हेतु ₹228.45 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
यह परियोजना शहरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहरी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम पड़ाव है।
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