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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पंडित दीनदयाल की जयंती समारोह में पहुंचे नीतीश; बिहार में फिर हो सकता है खेला?

    By Jagran NewsEdited By: Mukul Kumar
    Updated: Mon, 25 Sep 2023 10:53 AM (IST)

    बिहार में फिर सियासी उठापटक के संकेत हैं। बताया जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती समारोह में शामिल हुए ...और पढ़ें

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। फोटो- जागरण
    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. बिहार में बड़े खेल की तैयारी
    2. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती समारोह में होंगे शामिल

    जागरण डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में बड़े खेल का संकेत है। कुछ अफवाहों की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से पलटी मार सकते हैं। दरअसल, आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 107वीं जयंती है। इस मौके पर भाजपा नेताओं की तरफ से पटना में समारोह का आयोजन किया गया है।  

    पुष्प अर्पित कर पंडित दीनदयाल को श्रद्धांजलि देंगे नीतीश

    सीएम नीतीश पटना में आज इस समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। ऐसे में नीतीश पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, सीएम नीतीश आज चरखा मैदान में आयोजित जयंती समारोह में शामिल होने के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी देंगे। 

    बता दें कि दीनदयाल उपाध्याय की जयंती समारोह में सीएम नीतीश भाजपा के साथ रहने के दौरान ही शामिल हुआ करते थे। अलग होने के बाद इस कार्यक्रम से उन्होंने दूरियां बना ली थी।

    अब फिर वह इस समारोह में पहुंच गए हैं। ऐसे में, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा के साथ नीतीश की नजदीकियां बढ़ गईं हैं। इसके साथ यह कयास लगाया जा रहा है कि वह आईएनडीआईए गठबंधन को छोड़कर भाजपा के साथ आ सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। 

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    आज बिहार में कैबिनेट की बैठक

    बता दें कि आज नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक भी बुलाई है। इसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। वहीं, अगर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की बात करें तो वह 1953 से 1968 तक भारतीय जनसंघ के नेता रहे हैं।

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    भाजपा बड़े धूमधाम से हर साल उनकी जयंती मनाती है। इस मौके पर जिन राज्यों में भाजपा की सरकार होती है, वहां कई योजनाओं का ऐलान किया जाता है।