Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: 4 माह में 199 करोड़ की धोखाधड़ी, 5000 म्यूल खाते उजागर

    Updated: Sat, 16 May 2026 08:10 AM (IST)

    बिहार में इस साल जनवरी से अप्रैल तक चार माह में 199 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई है, जिसमें पुलिस ने पांच हजार म्यूल बैंक खातों को चिह्नित कर 1200 बंद ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में इस साल जनवरी से अप्रैल तक चार माह में 199 करोड़ की साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने साइबर ठगी की राशि निकालने में इस्तेमाल होने वाले पांच हजार म्यूल बैंक खातों को चिह्नित किया है।

    इनमें 1200 बैंक खातों को बंद भी कराया गया है। इस दौरान जांच में 22 बैंक शाखाएं चिह्नित की गई हैं, जहां सर्वाधिक म्यूल खाते खोले गए हैं। इन बैंक शाखाओं के कर्मी भी जांच के दायरे में हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में संलिप्त पाए गए पांच बैंककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।

    पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को आइजी (साइबर) रणजीत कुमार मिश्रा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि राज्यभर में 199 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी में 51 करोड़ 84 लाख की राशि को होल्ड कराया जा चुका है, जो कुल रकम का 26.04 प्रतिशत है।

    इसमें सात करोड़ 6 लाख रुपये पीडि़तों को वापस उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस दौरान 602 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी भी की गई है। पिछले वर्ष 2025 में 1098 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई थी। साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए साइबर प्रहार 2.0 अभियान चलाया गया है।

    खबरें और भी

    साइबर अपराध में शामिल चार हजार 147 मोबाइल नंबर और 638 मोबाइल फोन के आइएमईआइ नंबर को ब्लॉक कराया जा चुका है। इसके अलावा फर्जी या गलत दस्तावेज पर सिम बेचकर इसे चालू कराने वाले 162 पीओएस एजेंट के विरुद्ध भी चिन्हित कर कार्रवाई की गई है।

    ऑनलाइन शिकायत एवं एफआइआर में बिहार का चौथा स्थान

    आइजी ने बताया कि साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत और एफआइआर दर्ज करने में बिहार का स्थान देश में चौथा है। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में दर्ज शिकायतों की संख्या 59 हजार 579 है। इसमें 122 एफआइआर दर्ज की गई है।

    साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इस वर्ष फरवरी तक रोजाना औसत 5500 फोन कॉल आती थी जो अब बढ़कर औसत 8100 काल प्रतिदिन हो गई है। जनवरी से अप्रैल तक नौ लाख से अधिक काल का उत्तर दिया गया, जो 99 प्रतिशत है।

    यह भी पढ़ें- एसटीएफ ने बिहार के दो तस्करों को किया गिरफ्तार, 1.73 करोड़ रुपये का गांजा जब्त

    यह भी पढ़ें- दिल्ली की छात्रा को अश्लील वीडियो भेजने वाला आरोपित पटना से गिरफ्तार, कई महिलाओं को करता था परेशान