वेतन 38 लाख, जमीन 41.50 लाख और मकान 40 लाख का! बिहार के DPO के घर EOU पहुंची तो खुली संपत्ति की परतें
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सहरसा के डीपीओ अजीत अमर के ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में 38 लाख रुपये के वेतन के मुकाबले एक करोड़ रुपये से अधिक की आय से ...और पढ़ें

सिवान से सहरसा और छपरा तक चार ठिकानों पर छापा
राज्य ब्यूरो,पटना। आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शुक्रवार को सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर के सहरसा, छपरा और सिवान स्थित चार ठिकानों पर छापेमारी की। ईओयू के अनुसार, तलाशी में सरकारी वेतन की तुलना में दोगुने से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्ति के प्रमाण मिले हैं।
डीपीओ ने फरवरी 2022 में सरकारी सेवा में योगदान दिया था। जांच एजेंसी के अनुसार, पिछले करीब साढ़े चार वर्षों में उन्हें करीब 38 लाख रुपये वेतन मिला, जबकि इस अवधि में उन्होंने भूखंड, मकान, गहने और वाहन समेत एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की।
पत्नी के नाम खरीदी 6 बीघा से अधिक जमीन
ईओयू के अनुसार, पिछले वर्ष मई में डीपीओ ने पत्नी पूजा कुमारी के नाम सारण के एकमा थाना क्षेत्र के परसागढ़ मौजा में छह बीघा नौ कट्ठा आठ धूर यानी 481 डिसमिल जमीन खरीदी। जमीन की निबंधित कीमत 41.50 लाख रुपये बताई गई है।
जांच एजेंसी का कहना है कि भूखंड की वास्तविक कीमत निबंधित मूल्य से अधिक हो सकती है। जमीन की खरीद से संबंधित दस्तावेज भी तलाशी के दौरान जांच के दायरे में लिए गए हैं।
सिवान में 40 लाख का मकान, मिलीं निर्माण की 30 बिल
ईओयू के अनुसार, सिवान के दरौंदा के रैना स्थित पैतृक गांव में डीपीओ ने करीब 40 लाख रुपये की लागत से मकान बनवाया है। मकान की साज-सज्जा और चारदीवारी को देखते हुए इसकी लागत और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
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तलाशी के दौरान मकान के निर्माण से संबंधित 30 बिल भी मिले हैं। जांच टीम इन दस्तावेजों के आधार पर निर्माण पर हुए वास्तविक खर्च का आकलन कर रही है।
15.34 लाख की स्कार्पियो और बाइक भी मिली
तलाशी में वर्ष 2023 में छपरा से खरीदी गई महिंद्रा स्कार्पियो क्लासिक भी मिली। इसकी कीमत 15 लाख 34 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा एक यामाहा एफजेड बाइक भी बरामद हुई है।
ईओयू इन वाहनों की खरीद और भुगतान के स्रोत से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, अन्य वित्तीय निवेश से जुड़े कागजात भी मिले हैं।
तीन साल में 27 लाख के गहने खरीदने का बिल
सिवान स्थित पैतृक आवास से 40 लाख रुपये से अधिक मूल्य के गहने मिलने की बात ईओयू ने कही है। इनमें तनिष्क और अन्य ज्वेलर्स से खरीदे गए करीब 27 लाख रुपये के गहनों के बिल भी शामिल हैं।
जांच के अनुसार, ये गहने 2023 से 2025 के बीच खरीदे गए हैं। डीपीओ अजीत अमर और उनकी पत्नी पूजा के नाम पर चार बैंक खाते भी मिले हैं। निवेश से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर राशि और स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है।
छपरा में आरोप लगने के बाद सहरसा भेजे गए थे
ईओयू के अनुसार, अजीत अमर ने चार फरवरी 2022 को सहरसा में योगदान किया था। बाद में उनका स्थानांतरण डीपीओ प्लानिंग एवं अकाउंट, छपरा के पद पर हुआ। छपरा में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन पर भ्रष्टाचार और अवैध धन अर्जन के आरोप लगे थे।
स्थानीय जिला प्रशासन स्तर पर जांच के बाद उन्हें वापस मूल पदस्थापन सहरसा भेज दिया गया। ईओयू ने उनके विरुद्ध मामला दर्ज कर इसकी जानकारी उनके पैतृक शिक्षा विभाग को भेजी है।
प्राथमिकी में आय से करीब 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप दर्ज किया गया है।
सिवान से सहरसा और छपरा तक चार ठिकानों पर छापा
- सिवान के दरौंदा स्थित पैतृक आवास
- सहरसा के नया बाजार स्थित किराये का आवास
- सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय कक्ष
- छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित आवास
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